- नगर पंचायत लार में पिछड़ा वर्ग घोषित होने पर सवर्ण दावेदारों ने दाखिल की है याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। सवर्ण दावेदारों की याचिका पर बुधवार को प्रयागराज हाईकोर्ट ने कहा है कि छह अप्रैल तक आपत्तियों का समय है। अगर वहां से निस्तारण हो जाता है तो ठीक है। नहीं तो कोर्ट इसके बाद से मामले की सुनवाई करेगा।
नगर पंचायत लार जनवरी माह में जारी हुए परिसीमन में सामान्य वर्ग के लिए था, लेकिन हाल ही में जारी हुए परिसीमन में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हो गया है। नगर पंचायत के चुनाव मैदान में पहले से मैदान में उतरे सामान्य वर्ग के दावेदारों को तगड़ा झटका लगा।
नाराज अरुण कुमार सिंह गुड्डू, अरुण कुमार सिंह, रीमा सिंह, चंद्रभूषण सिंह, बिजय बहादुर सिंह, मनोज बरनवाल व मोहम्मद अहमद इकबाल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दायर की गई याचिका में दलील दी है की 1992 में आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद से ही नगर पंचायत लार पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होता चला आ रहा है।
इससे सामान्य वर्ग के लोगों को चुनाव से बाहर रहना पड़ता है, जबकि लार नगर पंचायत में जनपद देवरिया की सभी नगर पंचायतों से अधिक सामान्य वर्ग के लोग हैं। याची अरुण कुमार सिंह गुड्डू के मुताबिक बुधवार को प्रयागराज हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दो जजों की बेंच बनाई। मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि आपत्तियों का समय छह अप्रैल शाम छह बजे तक है। अगर आपत्तियों के संबंध में निस्तारण नहीं होता है तो हाईकोर्ट मामले की सुनवाई करेगा।