मईल। सरयू नदी के किनारे लगातार चल रहे अवैध खनन को लेकर नरसिंहडाड़ गांव के अनुराग कुमार ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में लोक हितवाद दायर किया है। हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए 28 अगस्त तक उत्तर प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से जवाब मांगा है।
देवरिया जिले में सरयू नदी के तटवर्ती गांवों को कटान से बचा कर सुरक्षित रखने के लिए वर्षों पूर्व कपरवार संगम तट से लेकर चुरिया तटबंध तक डेंजर जोन घोषित करते हुए बालू और मिट्टी खनन पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद दिन-रात बालू खनन सरयू नदी के डेंजर जोन को और अधिक डेंजर बना रहे हैं। इसी रफ्तार से अगर बालू खनन होता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब बरहज के भदिला और कुरह परसिया की तरह मेहियवां, कोटवा, देवसिया, छित्तरपुर भागलपुर, खेमादेई आदि तटवर्ती गांवों का भी यही हश्र हो जाए। बरहज तहसील क्षेत्र के पैना और मेहियवां और गौरा बरहज के बीच मशीन लगा कर धड़ल्ले से बालू खनन हो रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर एक माह पूर्व बरहज के नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। दो दिन तक बालू खनन नहीं हुआ, लेकिन तीसरे दिन से पुनः खनन होने लगा। मामले के वकील डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि मामले की गंभीरता बढ़ती जा रही है। संभावना है कि इसमें माफिया प्रवृत्ति के लोग भी सक्रिय हों, इसलिए अगली सुनवाई पर मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की जाएगी ।