संवाद न्यूज एजेंसी कप्तानगंज (बस्ती)। मनबढ़ों की अमानवीय हरकत से तंग आकर जान गंवाने वाले 15 वर्षीय 10वीं के छात्र का शव मंगलवार की दोपहर ननिहाल लाया गया तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। कई थानों की फोर्स भी साथ थी। पुलिस आनन-फानन अंतिम संस्कार कराना चाहती थी। मगर, परिवार के लोगों ने इंदौर से आ रहे उसके पिता के पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार करने को कहा।
शाम करीब चार बजे उसके पिता के पहुंचने पर परिवार के लोग दरोगा और बीट सिपाही पर कार्रवाई की मांग करने लगे। एसपी के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया गया।
सुबह शव गांव लाने की सूचना पर आसपास के गांवों लोग काफी संख्या में जुट गए। मौके की नवैयत और आक्रोश को देखते हुए कई थानों की फोर्स बुलाई गई। सीओ कलवारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी, एसएचओ कप्तानगंज दीपक कुमार दुबे, एसओ नगर देवेंद्र सिंह, एसओ कलवारी भानु प्रताप सिंह सहित अन्य पुलिस टीमें शव के साथ गांव पहुंचीं।
परिजनों को समझा-बुझाकर शव को गांव के पूरब गोशाला के पास दोपहर 1:30 बजे ले जाया गया। पुलिस चाहती थी कि तुरंत अंतिम संस्कार करा दिया जाय। मगर, परिजनों ने कहा कि इंदौर से किशोर के पिता के आने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा।
पिता के पहुंचने के बाद परिजन हल्का दरोगा और बीट सिपाही पर कार्रवाई करने की मांग करने लगे। सीओ कलवारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने परिजनों को समझाने की कोशिश की। मगर, वे जिद पर अड़े रहे। बाद में एसपी ने मोबाइल पर परिजनों को बताया कि दरोगा और सिपाही पर कार्रवाई की जा रही। इसके बाद परजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव में आरोपियों का था आतंक ः गांव के लोग बताते हैं कि किशोर पर जुल्म ढाने वाले आरोपियों का गांव में आतंक था। रोज पार्टी और आए दिन मारपीट करते थे। मनबढ़ों से गांव के सभी लोग त्रस्त थे। संतकबीरनगर जिले का रहने वाला किशोर बस्ती के कप्तानगंज क्षेत्र में अपने ननिहाल में बचपन से रहता था।
डीजे के शोर में दब गई कचीख-पुकार ः20 दिसंबर की रात बर्थडे पार्टी में डीजे बज रहा था। लोग डांस कर रहे थे। किशोर के मामा का आरोप है कि घर से थोड़ी दूरी पर मनबढ़ों ने भांजे को बुलाकर पहले शराब पिलाई। उसके लिए बाद टिन शेड में ले जाकर अमानवीय व्यवहार किया। वह चिल्लाता रहा। मगर, डीजे की आवाज के आगे उसकी आवाज दब गई।
परिजन किशोर की मौत के पीछे पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। किशोर की मां, बाबा और मामा ने बताया कि यदि पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई की होती तो उसकी जान बच जाती।
तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप लगाया कि रुपये लेकर आरोपियों को थाने से छोड़ दिया। आरोपी लगातार फोन पर वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहे थे।
डीआईजी से मिलेंगे सदर विधायक ःसदर विधायक महेंद्र नाथ यादव ने कहा कि जिले में अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पुलिस थानों पर गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही है। मोहित यादव के अपहरण के बाद एक और किशोर दरिंदों का शिकार हो गया। पुलिस सक्रिय नहीं हुई।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद