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Deoria News: दीजिए 6500 रुपये, अधिकारी भले न दे मान्यता, एआरटीओ कार्यालय के सामने ही बन रहा हैवी डीएल

Mon, 08 Jan 2024 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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दीजिए 6500 रुपये, अधिकारी भले न दे मान्यता, एआरटीओ कार्यालय के सामने ही बन रहा हैवी डीएल
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- निजी ड्राइविंग सेंटर पुन: खोलने की मंजूरी नहीं मिलने का लाभ उठा रहे बाहरी, जानते हुए भी अधिकारी बने हैं मौन



एआरटीओ कार्यालय से मायूस लौट रहे हैवी डीएल के आवेदक, खुलेआम हो रहा आवेदकों को शोषण





देवरिया। एआरटीओ कार्यालय में हैवी डीएल बनवाने आए आवेदकों का कर्मचारी व बाहरी मिलकर खुलेआम शोषण कर रहे हैं। जिले के निजी ड्राइविंग स्कूलों की मान्यता भले ही शासन स्तर से समाप्त कर दी गई हो, 65 सौ रुपये देने पर प्राइवेट लोग फार्म-5 उपलब्ध करा दे रहे हैं। साथ ही सप्ताह भर में आवेदक को हैवी डीएल भी उपलब्ध करा दे रहे हैं। आवेदकों से मनमाना दाम लिए जाने की बात को जानते हुए जिम्मेदारों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

निजी ड्राइविंग सेंटर को पुन: मंजूरी नहीं दिए जाने से सबसे ज्यादा नुकसान हैवी डीएल के आवेदकों को उठाना पड़ रहा है। जिले में यह समस्या अब बड़ा रुप लेती जा रही है। नवंबर माह में शासन स्तर से प्रदेश भर के 580 निजी ड्राइविंग स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गई थी। इसमें जिले के भी नौ निजी वाहन ट्रेनिंग स्कूल शामिल हैं। इसके बाद से ही यहां से जारी होने वाला फार्म-5 प्रमाण पत्र नहीं जारी हो पा रहा है। इससे हैवी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले बेहद परेशान हैं। इसका फायदा जमकर बिचौलिए उठा रहे हैं। जो 6500 रुपये लेकर ऐसे आवेदकों से बनवाने के नाम पर वसूल रहे हैं।
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दो माह से आवेदक लगा रहे कार्यालय का चक्कर



हैवी डीएल बनवाने के लिए पिछले दो माह से हर रोज 100 से अधिक आवेदक एआरटीओ कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मुख्यालय स्तर से भले ही जिले के नौ निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में किसी को मान्यता न दी गई हो, कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से निर्धारित फीस से पांच से छह गुना अधिक फीस लेकर बाहरी लोग इसे उपलब्ध करा दे रहे हैं।



ऐसे करना होता है हैवी डीएल के लिए आवेदन



आवेदक पहले हल्के वाहन के लिए लर्निंग डीएल के लिए आवेदन करते हैं और इसके एक माह बाद स्थाई डीएल के लिए। स्थाई डीएल बन जाने के एक साल बाद आवेदक हैवी डीएल बनवाने का पात्र होता है। इसके लिए भी पुन: पहले लर्निंग का आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद मोटर ट्रेनिंग स्कूल में जाकर तीन माह के लिए एडमिशन लेना होता है। वहां तीन माह के बाद उसे फार्म-5 का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जो हैवी डीएल के लिए अनिवार्य कागज है।



मानक पूरे नहीं करने पर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल की मान्यता समाप्त



जनपद में नौ निजी ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल को मुख्यालय से मान्यता मिली थी। लेकिन प्रशिक्षक नियुक्त करने एवं सभी को सिमुलेटर से प्रशिक्षण देने जैसी शर्तों को नहीं पूरा किए जाने पर इनकी मान्यता निरस्त कर दी गई थी।। इनमें से दो ने पुन: मान्यता के लिए आवेदन किया है। हालांकि अभी मामला जस का तस बना हुआ है।



स्पीकअप


हैवी डीएल बनवाना है, इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भी कर दिया है। एआरटीओ कार्यालय से लेकर ट्रेनिंग स्कूल का चक्कर कई बार लगा चूका हूं। बिचौलिए सात हजार रुपये तक मांग रहे हैं। पैसा नहीं होने से नहीं बनवा पा रहा हूं। -सूरज यादव, आवेदक, कोटवा




हैवी डीएल के लिए कई बार प्रयास कर चुका, हर बार निराश होकर लौटना पड़ रहा हैं। बाहर जाना है और बिना डीएल के कोई वाहन मालिक अपनी गाड़ी चलाने को नहीं देगा। एआरटीओ कार्यालय के बाहर 6500 रुपये मांगे जा रहे हैं। -करन श्रीवास्तव, आवेदक, देवरिया खास
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बाहरी व्यक्ति कितना पैसा ले रहा है इससे विभाग को कोई मतलब नहीं है। ट्रेनिंग स्कूल प्राइवेट संस्था है। फार्म -5 प्रमाण पत्र के नाम पर अगर कोई आवेदक का शोषण कर रहा है, तो इसकी शिकायत करनी चाहिए। अभी विभाग ने जिले में किसी मोटर ड्राइविंग स्कूल को मान्यता नहीं दी है। दो ने मानक पूरा होने का दावा किया है। सोमवार को इसकी जांच कर मुख्यालय को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जाएगी। -आशुतोष कुमार शुक्ला, एआरटीओ
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