शासन के आदेश पर जिले के अफसर भारी पड़ रहे हैं। भरथुआ से भटनी होते हुए भिंगारी बाजार तक खस्ताहाल सड़क का स्टीमेट छह माह बाद भी तैयार नहीं हो सका है। शासन की ओर से जिलाधिकारी को दुबारा पत्र लिखकर स्टीमेट मांगा गया है। तीन साल से खस्ताहाल सड़क की मरम्मत को लेकर कई बार हुए आंदोलन का असर भी जिले के अफसरों पर नहीं है। देखना है कि खस्ताहाल सड़क के लिए जिम्मेदारों पर शिकंजा कब कसता है?भरथुआ से भटनी और भटनी से भिंगारी बाजार तक सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हुआ था। इसमें भटनी से भिंगारी बाजार तक सड़क को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने लोक निर्माण विभाग को हैंडओवर कर दिया। जबकि भरथुआ से भटनी तक करीब आठ किलोमीटर सड़क अभी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के पास है। तीन साल से टूटी सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। जनांदोलन के बाद भी सड़क की दशा ठीक नहीं हुई। आरईडी के एक्सईएन ने कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा, लेकिन इसका कोई असर कार्यदायी संस्था पर नहीं हुआ। इसको देखते हुए शासन ने डीएम से पांच जून को भरथुआ से भटनी होते हुए भिंगारी तक अन्य जिला मार्ग का त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए स्टीमेट मांगा। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नियोजन विभाग के विशेष सचिव शमीम अहमद खान ने 17 दिसंबर को डीएम को दोबारा पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग से स्टीमेट तैयार कराकर तत्काल शासन को उपलब्ध कराने को कहा है।