संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सदर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बढ़या बुजुर्ग में तैनात रहीं शिक्षिका शशिबाला को सेवानिवृत्ति के बाद भी आठ माह तक वेतन देने के मामले में बृहस्पतिवार को विकास भवन में सुनवाई हुई।
सीडीओ प्रत्यूष पांडेय की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति ने सभी पक्षों की बात सुनी। सभी ने समिति के समक्ष लिखित रूप से अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
पिछले दिनों दिशा की बैठक में बरहज के विधायक दीपक कुमार मिश्र उर्फ शाका ने बेसिक शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सदर ब्लॉक के बढ़या बुजुर्ग में तैनात रहीं शिक्षिका को सेवानिवृत्त होने के बाद भी आठ माह तक वेतन देने का मुद्दा उठाया था।
इसके बाद विधायक बैठक से उठकर चले गए थे। इस मुद्दे पर जब बरहज के विधायक और बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के बीच तनातनी की स्थिति बनी तो यह पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।
मामले को तूल पकड़ता देख डीएम दिव्या मित्तल ने प्रकरण की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। बृहस्पतिवार को सीडीओ ने मामले की सुनवाई की।
जांच समिति ने सभी पक्षकारों को एक- एक कर अंदर बुलाया। इनसे लिखित स्पष्टीकरण लिया। मामले में आरोपी तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी सदर विजयपाल नारायण त्रिपाठी, सदर ब्लॉक में तत्कालीन लेखाकार दिवाकर मिश्र और कंप्यूटर ऑपरेटर कुलनंदन मिश्र ने अपना पक्ष रखा।