देवरिया। इंडस्टि्रयल एस्टेट पुरवां में जमीन आवंटन में हेरफेर के मामले में पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका और नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका पर शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी।
शासकीय अधिवक्ता ने सुनवाई के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। इसके बाद जिला जज की कोर्ट ने 19 जनवरी को सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी। वहीं जमानत याचिका पर सुनवाई के समय अमिताभ ठाकुर के उपस्थित रहने की मांग को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका और नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका के प्रार्थना पत्र पर जिला जज की कोर्ट में शनिवार को सुनवाई थी। इस दौरान केस डायरी समेत सभी आवश्यक कागजात भी दाखिल किए गए थे। सुनवाई शुरू होने से पहले ही सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट से कुछ और समय मांग लिया। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता के अनुरोध को स्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 19 जनवरी को निर्धारित कर दी। इससे नूतन-अमिताभ ठाकुर को शीघ्र जमानत दिलाने के प्रयास को झटका लगा है।
नाम में हेरफेर कर इंडस्टि्रयल एरिया में प्लाट आवंटन के आरोपी हैं अमिताभ ठाकुर-नूतन ठाकुर
अमिताभ ठाकुर वर्ष 1999 से 2002 तक जिले में बतौर एसपी तैनात रहे। उस दौरान शहर के इंडस्टि्रयल एस्टेट पुरवां में पत्नी नूतन ठाकुर के नाम से जमीन आवंटित कराया था। तब पत्नी का नाम नूतन देवी दर्ज कराया गया था।