घर-घर जाकर क्षय रोग का सर्वे करेंगे स्वास्थ्य कर्मचारी
देवरिया। सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान को लेकर शनिवार को सीएमओ कार्यालय के धनवंतरि सभागार में बैठक हुई। इसमें अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों को मनोयोग से जुटने की बात कही गई।
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने कहा कि जनपद में 23 नवंबर से दो दिसंबर तक सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर क्षय रोग का सर्वे करेंगे तथा लक्षण मिलने पर रोगी का बलगम लेकर परीक्षण कराएंगे। इसके लिए 124 टीम गठित की गई हैं, जिसमें 372 सदस्य शामिल होंगे। 24 सुपरवाइजर व 15 एमओटीसी की लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि टीबी एक ऐसी बीमारी है जो माइक्रो वैक्टीरिया नामक जीवाणु से ज्यादातर फेफड़ों पर असर करती है। जिसके कारण फेफेड़े की टीबी हो जाती है। अभियान का उद्देश्य छिपे हुए मरीजों को ढूंढना है। कहा कि इलाज न कराने के कारण हर साल टीबी से लाखों लोगों की मौत हो जाती है। फेफड़े के अलावा शरीर के अन्य हिस्से में टीबी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि टीमें ठीक से कार्य करें। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा उपलब्ध कराई गई है। उपचार के दौरान जब तक दवा चलेगी तब तक रोगी के खाते में पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को दो हफ्ते से अधिक खांसी के साथ बलगम, बलगम में खून आना, बार-बार बुखार होना, रात को पसीना होना, लगातार वजन कम होना टीबी के लक्षण हो सकते हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बी झा ने कहा कि अभियान के दौरान मरीजों को चिह्नित किया जाएगा और तत्काल दवा शुरू कर दी जाएगी। बैठक में उप जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. आरपी यादव, देवेंद्र प्रताप सिंह, मृत्युंजय पांडेय, मांधाता सिंह, सुनील सिंह, अभिषेक यादव, उदयभान उपाध्याय, चंद्र प्रकाश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।