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Deoria News: गर्मी से बच्चों की सेहत पर पड़ रहा असर, मरीज बढ़े

Fri, 05 Apr 2024 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू वार्ड में एक बेड पर भर्ती दो दो बच्चे।संवाद
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उल्टी-दस्त, बुखार, सांस से पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे बच्चे
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पीआईसीयू, चिल्ड्रेन वार्ड फुल, एक बेड पर दो मरीजों का इलाज

एसी काम न करने से गर्मी से राहत के लिए झल रहे हाथ पंखा

- फोटो

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। मौसम बदलने और गर्मी बढ़ने का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बुखार, उल्टी, दस्त, खांसी, सांस से पीड़ित हो रहे हैं। पीआईसीयू व चिल्ड्रेन वार्ड फुल हो गया है। कुछ सीरप की कमी हो गई है, टैबलेट से काम चलाया जा रहा है। पीआईसीयू का एसी भी जवाब दे गया है। गर्मी से मरीज परेशान हैं।

मौसम में बदलाव हो रहा है। दिन में धूप सहन नहीं हो रही है। इसमें लापरवाही भारी पड़ रही है। वायरस के संक्रमण में बच्चे आ रहे हैं। बुखार, उल्टी, दस्त की चपेट में आ रहे हैं। साथ ही खांसी, निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत, पेट दर्द से पीड़ित हो जा रहे हैं। इस तरह की शिकायत लेकर बृहस्पतिवार को ओपीडी में करीब 145 मरीज पहुंचे। इसमें गंभीर पांच मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। वहीं, 15 बेड के पीआईसीयू में 21 मरीज हैं। जबकि 20 बेड के चिल्ड्रेन वार्ड में 39 मरीज थे। एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज चल रहा है।
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वहीं, जिंक और एजीथ्रोमासिन सीरप नहीं है। टैबलेट से काम चलाया जा रहा है। जिन्हें सीरप की जरूरत पड़ रही है, उन्हें बाहर से खरीदना पड़ रहा है।



इस मौसम में वायरस का संक्रमण होता है। इसका असर बच्चों को पड़ता है। इम्युनिटी कमजोर होने के कारण बच्चे बुखार, उल्टी-दस्त, सांस, निमोनिया आदि से पीड़ित हो जाते हैं। रोटा वायरस के कारण बच्चे डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। पेट दर्द की शिकायत और गलसुआ के मरीज भी आ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए सावधानी बरतनी जरूरी है।

-डॉ. इकबाल, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज


पीआईसीयू का एसी, पंखा खराब, मरीज परेशान

देवरिया। पीआईसीयू में गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है। गर्मी बढ़ने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मरीजों की राहत के लिए सात एसी लगाए गए हैं। पर एक भी ठंडा नहीं कर रहा है। जबकि नौ पंखाें में पांच बंद पड़े हैं। तीमारदार हाथ का पंखा लाकर उससे मरीज को राहत पहुंचा रहे हैं। यहां एसी जरूरी होता है। इसके न रहने से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। वहीं, स्किन डिजीज भी हो सकती है।
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अस्पताल में बुखार, उल्टी, दस्त, खांसी, पेट दर्द के मरीज बढ़े हैं। इस मौसम में बच्चों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। परेशानी होने पर लापरवाही न करें। बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर उपचार कराएं। अस्पताल में इलाज की सुविधा है। पीआईसीयू में एसी खराब होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। उसे ठीक करने के लिए मैकेनिक को बुलाया गया है। जल्द ही एसी व पंखा ठीक हो दिए जाएंगे। जिस दवा की कमी है, उसे मंगाने की प्रक्रिया की जा रही है।

-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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