तस्कर हरिशंकर ने उगले साथियों के नाम
महुआडीह में दुकान से मिली तेंदुए की खाल का मामला
केस दर्ज होते ही करीबी फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
देसही देवरिया। महुआडीह चौराहा से पकड़े गए तस्कर ने एसटीएफ की पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। उसने अपने साथियों का भी नाम एसटीएफ को बताया है। आरोपी के गिरफ्तार होते ही उसके करीबी भूमिगत हो गए हैं। उनके घरों पर भी सन्नाटा छा गया है।
महुआडीह थानाक्षेत्र के बरारी द्वितीय गांव के हरिशंकर विश्वकर्मा की महुआडीह चौराहे पर सृष्टि फर्नीचर सहित कई बड़ी दुकानें हैं। सोमवार की देर शाम उसकी फर्नीचर की दुकान पर मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने वन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त छापेमारी की। दुकान के अंदर से तेंदुए की खाल, असलहा, कारतूस मिला था। इसके साथ ही एक दस रुपये की आधी नोट मिली। उस पर हरिशंकर का नाम व कोड लिखा हुआ था।
कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी हरिशंकर ने बताया कि महुआडीह, बरवां के रहने वाले प्रदीप यादव ने तेंदुए की खाल दी है। कहा है कि एक शख्स दुकान पर जाएगा, नोट का दूसरा हिस्सा देगा तब उसे खाल दे देना है। हरिशंकर ने तस्करी में शामिल अपने कई और साथियों का भी नाम बताया है। एसटीएफ ने अब उनकी भी तलाश तेज कर दी है। पुलिस का मानना है कि इसमें एक बड़ा रैकेट शामिल है। कुछ और लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सच्चाई सामने आने के बाद उस पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
दो सालों की तरक्की से क्षेत्र में हरिशंकर की खूब थी चर्चा
देसही देवरिया। एक मामूली पूंजी से दुकान शुरू करने वाले हरिशंकर ने करीब दो सालों में इतनी तरक्की की कि वह क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। बहुत कम समय में कई दुकानें और कीमती प्रॉपर्टी अर्जित कर उसने लोगों के बीच में संदेह पैदा कर दिया।