अधिशासी अभियंता, ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश
डीएम के निरीक्षण में निर्माणाधीन औद्यानिक विकास केंद्र में मिलीं खामियां
घटिया गुणवत्ता एवं अधोमानक निर्माण पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को भुजौली स्थित निर्माणाधीन औद्यानिक तकनीकी प्रसार केंद्र का निरीक्षण किया। भवन में कई गंभीर तकनीकी खामियां मिलीं, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रथमदृष्टया भवन निर्माण मानक के अनुरूप नहीं है। शासकीय धन का दुरुपयोग करने वालों की जवाबदेही तय करके सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण में पाया कि भवन का निर्माण निर्धारित मानक के अनुसार नहीं हुआ है। भवन की बाहरी दीवारों पर प्लास्टर ऊंचा-नीचा एवं दीवार सीधी नहीं है। भवन का निर्माण हुए अभी एक वर्ष भी नहीं बीता है और इसमें कई स्थानों पर दरार दिखने लगी हैं।
भवन के एप्रेन में अन्डुलेशन प्रतीत हो रहा है। शोकपिट का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। सीढ़ी के पहले राइजर की ऊंचाई 10 सेमी से अधिक मिली जो मानक के विरुद्ध है। भवन के अंदर की खिड़कियों की फिटिंग और भवन के अंदर प्रयोग की गई टाइल्स, प्लाई व दरवाजे अधोमानक हैं।
जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भवन निर्माण के लिए जिम्मेदार कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ के अधिशासी अभियंता एवं अन्य अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण कार्य में लापरवाही बरती गई है। जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की जाएगी।
कहा कि शासकीय धन का दुरुपयोग किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आरके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सीताराम यादव सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।