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तीन घंटे इंतजार के बाद भी नहीं आई एंबुलेंस, हंगामा

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तीन घंटे इंतजार के बाद भी नहीं आई एंबुलेंस, हंगामा
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सीएमओ को घर वाले किए फोन, इसके बावजूद नहीं आई एंबुलेंस
प्राइवेट एंबुलेंस से ले गए मेडिकल कॉलेज, खड़े रोलर में बाइक लेकर भिड़े थे युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तीन घंटे इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली तो तीमारदारों ने इमरजेंसी पर शनिवार की रात को हंगामा किया। सीएमओ को भी फोन कर एंबुलेंस की मांग की, बावजूद इसके एंबुलेंस नहीं आई। बाद में प्राइवेट एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले गए, हालांकि मेडिकल कॉलेज से भी केजीएमयू के लिए घायल को रेफर कर दिया गया है। हादसे में घायल की हालत गंभीर बनी हुई है।
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लार थाना क्षेत्र के रावतपार अमेठिया गांव निवासी सुधीर सिंह और विश्ववीर सिंह शनिवार की रात लार से सलेमपुर बाइक से जा रहे थे। सहला गांव के समीप सड़क की मरम्मत के लिए खड़े रोलर में इनकी बाइक भिड़ गई। गंभीर रूप से घायल युवकों को लोगों ने जिला अस्पताल भेजा। इमरजेंसी में इलाज के दौरान एक युवक के पैर में गंभीर चोट थी और खून गिरना बंद नहीं हो रहा था। डॉक्टर ने एक घंटे बाद रात करीब आठ बजे युवक को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। 108 पर लोगों ने फोन कर डॉक्टर से बताया कराई, फोन रिसीव करने वाली महिला ने कुछ ही देर में एंबुलेंस पहुंचने का आश्वासन दिया। तीन घंटे इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची तो तीमारदारों ने सीएमओ को फोन किया। सीएमओ ने डॉक्टर से बात की और मरीज को यहीं भर्ती करने के लिए कहा। डॉक्टर ने हालत नाजुक बताते हुए रेफर करना मजबूरी बताया। इसके बाद सीएमओ ने एंबुलेंस उपलब्ध कराने में असमर्थता जाहिर की। बाद में लोगों ने डीएम को फोन किया, बावजूद इसके एंबुलेंस नहीं मिली। बाद में लोग प्राइवेट एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले गए, मेडिकल कॉलेज से भी युवक को केजीएमयू के लिए रेफर कर दिया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। दूसरे युवक को भी रविवार को लखनऊ रेफर किया गया। दोनों के पैर में गंभीर चोट है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि 108 नंबर एंबुलेंस लखनऊ से गवर्न होती है। लोग फोन किए थे, हमने भी प्रयास किया, लेकिन एंबुलेंस कहीं फंसी थी। 108 एंबुलेंस के मंडल प्रभारी अमितेश ने बताया कि जिले में 18 एंबुलेंस कोविड के मरीजों को पहुंचाने और लाने में लगी है। जिस वक्त लोगों ने फोन किया होगा, उस वक्त एंबुलेंस खाली नहीं होगी। इसलिए देरी हुई होगी। लिखित शिकायत मिलने पर इसकी जांच करा ली जाएगी।
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