प्रेम यादव की पत्नी शीला ने बताया कि उनके पति प्रेम यादव ने ज्ञानप्रकाश दूबे से कोई धोखाधड़ी नहीं की। उन्हें रुपये और पूरा सम्मान दिया था। इसके कारण ज्ञान पूरे परिवार से लगाव रखते हैं। हम लोग भी उन्हें एक अभिभावक की तरह मानते थे। उनकी भूमि पर हमेशा सत्यप्रकाश दूबे की नजर रहती थी।
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उन्होंने बताया कि ज्ञान प्रकाश दूबे अपने परिवार के लोगों से काफी तंग थे और उन्हें प्रताड़ित भी किया जाता था। जब भी वह किसी चीज की मांग करते थे तो मेरे पति पूरा करते थे। वह भी पूरे परिवार में घुल मिलकर रहते थे। उनकी मेरे परिवार से कभी शिकायत नहीं हुई। हम लोग भी उनके बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं। अगर उनके भाई का परिवार अच्छा रहता तो वह क्यों मेरे घर आते। मेरे पति एक जनप्रतिनिधि थे और सबके दुख-सुख में साथ खड़े रहते थे।
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बता दें कि देवरिया जिले में रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 2 अक्तूबर को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साएं पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति, पत्नी और उसकी तीन संतानों को गोली मारकर और धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी, जबकि एक बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।