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Deoria News: 15000 रुपये में पिस्टल, 40 में कारबाइन बेच रहे हैं असलहा तस्कर

Sat, 29 Jul 2023 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। जिले के असलहा तस्करों ने कई प्रांतों में नेटवर्क खड़ा कर लिया है। इस गैंग के तार बड़े बदमाशों से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद तस्कर जिले की पुलिस की नजर से बचते रहे। गैर जिलों की पुलिस के हाथ लगे तस्करों ने स्वीकार किया है कि वे 15,000 रुपये में पिस्टल और 40,000 में कारबाइन तक मुहैया करा दे रहे हैं। इनके असलहे के दम पर बड़ी लूट और अन्य घटनाओं को बदमाश अंजाम दे रहे हैं।
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जून माह में गुजरात पुलिस ने लार कस्बा निवासी नैमुद्दीन उर्फ शुड्डू को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि गुजरात के गांधीधाम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के आंगडिया पेठी में चार बदमाशों ने एक करोड़ पांच लाख रुपये की लूट को फायरिंग कर अंजाम दिया था। इन बदमाशों को नैमुद्दीन ने असलहा उपलब्ध कराया था। एक वर्ष पहले यूपी एसटीएफ ने अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध असलहों की तस्करी करने वाले नैमुद्दीन को नौ अवैध पिस्टल व 18 मैगजीन के साथ आंबेडकर नगर से गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसके पास से 32 बोर की नौ पिस्टल, 18 मैगजीन, एक मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद हुई थी। सूत्रों के अनुसार नैमुद्दीन बिहार, मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक हथियार की सप्लाई करता है।
इसी तरह लार थाना क्षेत्र के सकरापार गांव निवासी रामप्रवेश यादव को लार पुलिस ने वर्ष 2010 में 20 पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। करीब एक दशक के समय में वह असलहा तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का सरगना बन गया। अप्रैल 2021 में लखनऊ में एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया था। उसके पास से 32 बोर की 20 पिस्टल व 40 मैगजीन बरामद हुई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार रामप्रवेश प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अवैध असलहों की तस्करी का काम करता है। मध्य प्रदेश और बिहार से असलहा लाकर बदमाशों को बेचता था। उसके पिता मध्य प्रदेश के खंडवा में नौकरी करते हैं। इसी दौरान उसकी पहचान तस्करों के साथ हो गई थी। प्रयागराज के रास्ते वह लखनऊ पहुंचा था।
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एक जुलाई 2023 को पकड़े गए बरहज थाना क्षेत्र के खाेरी गांव निवासी संग्राम सिंह ने बताया कि वह पंद्रह हजार रुपये में पिस्टल लोगों को बेचता था। उसके गिरोह में बलिया, गाजीपुर के भी तस्कर हैं। खंडवा और मुंगेर से असहला लाकर बेचने का काम करता था। इसी तरह करीब एक साल पहले पुलिस ने बिहार निवासी असलहा तस्कर को कारबाइन के साथ गिरफ्तार किया था। उसने पुलिस को बताया था कि तीस से चालीस हजार रुपये में कारबाइन बेचते है।





विदेशी मार्का और मुंगेर के असलहों की पहुंच रही खेप देवरिया। जनपद कुछ वर्षों में अवैध असलहों की तस्करी का हब बन गया है। बिहार के मुंगेर में बनने वाले असलहों से लेकर विदेशी असलहे तस्कर बदमाशों को मुहैया करा रहे हैं। तस्कर विदेश से पुर्जे लाकर उससे यहां असलहा बना रहे हैं। करीब एक साल पहले सदर कोतवाली के पिपरपाती गांव के पास हुए पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ में यूएसए लिखा पिस्टल पुलिस ने बदमाश के पास से बरामद किया था। सदर कोतवाली पुलिस ने भी बिहार के कुछ लोगों को मार्च में साकेत नगर से गिरफ्तार किया था। इनके पास से तीन पिस्टल पुलिस ने बरामद किया था। असलहा तस्कर मुंह मांगे दामों पर असलहों को बेच रहे हैं। जिले में कई बार पुलिस ने कारबाइन तक बदमाशों के पास से बरामद कर चुकी है।



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कैसे मिल जाता है कारतूस



तस्कर असलहा बेचकर अपना काम पूरा कर लेते हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर असलहा खरीदने वालों को कारतूस कैसे मिल रहा है। क्योंकि असलहे आसानी से तैयार हो सकते हैं, लेकिन कारतूस फैक्ट्रियों में ही बनाए जा सकते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि दुकानदारों की मिलीभगत से ही कारतूस मिलता है।



कोट



जिले के असलहा तस्कर जो गैर जिलों में पकड़े गए हैं। उनके बारे में पूरी जानकारी जुटाई जाती है। इन तस्करों की जिले में कोई गतिविधियां नहीं हैं। बिहार की सीमा से गुजरने वाले संदिग्धों पर नजर रहती है। - संकल्प शर्मा, एसपी
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