लोगों को उनके दरवाजे पर किफायती और त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए किया गया है स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। तहसील परिसर में मंगलवार को अधिकारियों ने वैदिक मंत्रों के बीच विधि-विधान से ग्राम न्यायालय का उद्घाटन किया। अधिकारियों का कहना है कि शासन के मंशा के अनुरूप लोगों को उनके दरवाजे पर किफायती और त्वरित न्याय प्रदान करने के लिए ग्राम न्यायालय की स्थापना की गई है।
एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के नेतृत्व में सुबह 10 बजे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू और एडीजे अशोक दूबे, ग्राम न्यायालय अधिकारी विकास वर्मा ने नारियल फोड़ते हुए ग्राम न्यायालय का उद्घाटन किया। परिसर में जिसको लेकर अधिवक्ताओं में काफी उत्साह था। लोगों के अनुसार, ग्राम न्यायालय अधिनियम 2008 के तहत ग्राम अदालतें स्थापित की जा रही हैं। इसमें सिविल और जिन मामलों में अधिकतम दो वर्ष की सजा का प्रावधान हो, वैसे आपराधिक मामले देखे जाएंगे। उच्च न्यायालय के परामर्श पर ग्राम न्यायालय की स्थापना की जा रही है।
मौके पर तहसीलदार अरुण कुमार, नायब तहसीलदार रमेश चंद्र गुप्त, रवींद्र मौर्य, तहसील बार संघ अध्यक्ष नागेंद्र सिंह, उदयराज चौरसिया, चंद्रभान चौरसिया, मुरलीधर यादव, तारकेश्वर नाथ तिवारी, शिवदयाल सिंह, श्रवण सिंह, लक्ष्मी प्रसाद दीक्षित, कमला प्रसाद यादव, विमलेश रावत, गिरीश वर्मा, अंबिकेश सिंह, अमित भार्गव, धात्री पूजिता यादव आदि मौजूद रहे।