बरहज के कपरवार संगम तट पर कटान करती घाघरा।
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रुद्रपुर/एकौना। पहाड़ी इलाकों में बारिश का असर जिले की नदियों के जलस्तर पर पड़ने लगा है। पिछले दो दिनों में गोर्रा, राप्ती के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदियों में पानी का वेग उफान पर होते ही लोगों की चिंता बढ़ गई है। जर्जर बांध नदियों के वेग को रोकने में अक्षम साबित होंगे।
मंगलवार को गोर्रा नदी 66.10 मीटर और राप्ती नदी 65.50 मीटर पर बह रही थी। गोर्रा और राप्ती नदी का लाल निशान 70.50 मीटर है। क्षेत्र के दर्जन भर बंधों से सट कर बहने वाली गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा, तो बंधों पर दबाव बढ़ता जाएगा।
सिंचाई विभाग ने बंधों पर तैनात अवर अभियंताओं से सुबह, शाम नदी का जलस्तर और खतरनाक जगहों की कटान की स्थिति का रिपोर्ट देते रहने का निर्देश दिया है। नदी और बंधों के बीच बसे गांव के लोगों की हालत चिंताजनक है।
गोर्रा नदी और बंधे के बीच बसे नरायनपुर और बहोरादलतपुर में नदी ने कटान करना शुरू कर दिया है। यहां करीब पांच सालों ने दर्जनों मकान नदी में विलीन हो गए। क्षेत्र में दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है।
मंगलवार को पूरे दिन लोग बारिश का आनंद लेते देखे गए। उपजिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि बाढ़ कार्य खंड को बंधों की निगरानी में मुस्तैदी से रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन नदियों के जलस्तर को देखते हुए तैयारी में है।