- राप्ती का जलस्तर भी बढ़ा, प्रशासन ने तटबंधों और कटान स्थलों की निगरानी बढ़ाई, सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय
रुद्रपुर। गोर्रा और राप्ती नदियों के बढ़ते जलस्तर से रुद्रपुर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। गोर्रा नदी का पानी 70.50 मीटर पर पहुंचकर खतरे के निशान के बराबर हो गया है। राप्ती भी 70.05 मीटर पर बह रही है। दोनों नदियों में लगातार बढ़ाव से दोआबा और कछार क्षेत्र के 116 गांवों पर बाढ़ की आशंका मंडरा रही है।
बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे गोर्रा का जलस्तर 70.45 मीटर था, जो शाम छह बजे तक बढ़कर 70.50 मीटर हो गया। इसी दौरान राप्ती नदी का पानी 70.00 मीटर से बढ़कर 70.05 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में वृद्धि के बाद प्रशासन ने तटबंधों और संवेदनशील कटान स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है।
एसडीएम राजकुमार गुप्ता ने बृहस्पतिवार को संवेदनशील कटान स्थलों और तटबंधों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर तैनात कर्मचारियों से नदियों की स्थिति और तटबंधों की सुरक्षा की जानकारी ली। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
चौकियां सक्रिय, गांवों में तैनात किए गए कर्मचारी
एसडीएम ने बताया कि क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। राहत व बचाव कार्य के लिए टीमें तैयार हैं। गोर्रा नदी से प्रभावित होने वाले गांवों में लेखपाल और सचिवों की ड्यूटी लगाई गई है। कटान प्रभावित स्थलों पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि गोर्रा का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने के बावजूद फिलहाल स्थिति सामान्य है। क्षेत्र के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। प्रशासनिक टीमें नदियों के जलस्तर के साथ तटबंधों और कटान वाले स्थानों की लगातार निगरानी कर रही हैं। किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव अभियान तत्काल शुरू करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम तैयार रखे गए हैं।