बरहज के कटईलवा गांव में भीषण कटान करती नदी।
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एकौना/रुद्रपुर। तीन दिन से झमाझम हो रही बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर पड़ने लगा है। पिछले दो दिनों में गोर्रा, राप्ती के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदियों में पानी का वेग उफान पर होते ही लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नदियों के जलस्तर को देख दोआबा और कछार के 116 गांवों के लोगों में दहशत हैं। जर्जर बांध नदियों के वेग को रोकने में अक्षम साबित होंगे। मंगलवार को गोर्रा नदी 65.75 मीटर और राप्ती नदी 67.15 मीटर पर बह रही थी। गोर्रा और राप्ती नदी का लाल निशान 70.50 मीटर है। क्षेत्र के दर्जन भर बंधो से सटकर बहने वाली गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा, तो बंधों पर दबाव बढ़ता जाएगा।
सिंचाई विभाग ने बंधों पर तैनात अवर अभियंताओं से सुबह शाम नदी का जलस्तर और खतरनाक जगहों कटान स्थलों पर निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया है। नदी और बंधों के बीच बसे गांव के लोगों की हालत चिंताजनक है।
गोर्रा नदी और बंधे के बीच बसे नरायनपुर और बहोरादलतपुर में नदी कटान करना शुरू कर दी है। यहां करीब पांच वर्षों ने कई मकान नदी में विलीन हो गए। उपजिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि बाढ़ कार्य खंड को बंधों की निगरानी में मुस्तैदी से रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन बाढ़ से निपटने को तैयार है।