बरहज में घाघरा नदी का पानी डेंजर लेवल के करीब पहुंच गया।
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रुद्रपुर/एकौना। पिछले दो दिनों से क्षेत्र की गोर्रा और राप्ती नदी भारी ऊफान पर है। लगातार नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देख कछार और दोआबा के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। एक दिन में गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में एक मीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
नदियों के जलस्तर को बढ़ता हुआ देख सिंचाई विभाग ने बंधों पर निगरानी तेज कर दी है। बाढ़ कार्य खंड के कंट्रोल रुम के अनुसार बुधवार को गोर्रा नदी 67.20 मीटर और राप्ती नदी 66.80 मीटर पर बह रही थी।
मंगलवार की देर शाम गोर्रा नदी 66. 15 मीटर और राप्ती नदी 65.60 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियों का लाल निशान 70.50 मीटर है। लाल निशान की तरफ गोर्रा और राप्ती को बढ़ता देख एक बार फिर तटवर्ती गांव के लोगों में बाढ़ का भय बढ़ने लगा है। तिघरा मराछी बांध पर राप्ती का कटान तेज हो गया है।
करहकोल गांव के करीब नदी कटान कर रही है। वर्ष 1998 में राप्ती नदी ने करहकोल और हड़हा गांव के समीप कटान कर दोआबा में भारी तबाही मचाई थी। माझा नरायन और नीबा गांव के सामने नदी सीधे बंधों पर ठोकर मार रही है।
गायघाट और केवटलिया गांव के सामने नदी के विकराल रुप को देख गांव वालों में दहशत बनी है। नदियों के जलस्तर में बढ़ने का क्रम ऐसे ही जारी रहा तो अगले 48 घंटे में बंधों की खराब हालत नदियों के वेग को रोकने अक्षम साबित होंगे। बंधों पर जगह जगह रेनकट़्स और रैटहोल पड़े हुए है। अधिकांश जगहों पर बंधों के करीब नदी का पानी पहुंचने पर बंधों का कटान होना तय माना जा रहा है।