देवरिया। लार कांड के विरोध में शनिवार को एआरटीओ कार्यालय के सामने जिला ट्रांसपोर्ट बार एसोसिएशन के लोगों ने देवरिया-गोरखपुर रोड पर जाम लगा दिया। इस दौरान जा रहे पीएसी के जवानों ने जबरदस्ती की तो वकीलों से उनकी झड़प हुई। वकीलों के तेवर देख पीएसी जवान बैकफुट पर आ गए।
बाद में पहुंचे कोतवाल ने मामले को शांत कराकर जाम खुलवाया।
सुबह 11 बजे जिला ट्रांसपोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरीशचंद्र पति त्रिपाठी की अगुवाई में वकीलों ने देवरिया-गोरखपुर मार्ग जाम कर दिया। वकीलों का कहना था कि लार में पुलिस ने बर्बरता की है। निर्दोष अधिवक्ता समेत तमाम लोगों को फंसाया गया है। इस कांड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी दौरान पीएसी के जवान गोरखपुर की ओर जा रहे थे। वह जबरन जाम खुलवाना चाहे तो वकीलों से उनकी भिड़ंत हो गई। वकीलों के तेवर को देखकर पीएसी जवान जाकर वाहन में बैठ गए।
सूचना के बाद पहुंचे सदर कोतवाल रामअवतार यादव ने वकीलों को समझाकर मामला शांत कराया। करीब एक घंटा तक रहे जाम में हजारों लोग फंसे रहे। जाम लगाने वालों में रामप्रवेश सिंह, अजय, अरुण श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, मोहम्मद हनीफ अंसारी, अखिलेश्वर मणि त्रिपाठी, रणविजय प्रताप सिंह, शिवशंकर मल्ल, विजय शंकर चौबे, गोपाल पांडेय, अशोक, ललित, रामकृपाल यादव, अरविंद राव, राणा प्रताप सिंह आदि प्रमुख रहे। वहीं उूसरी ओर देवरिया में वकीलों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा।
हालांकि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति के आने की जानकारी पर जिला अधिवक्ता संघ ने दीवानी न्यायालय गेट पर धरना-प्रदर्शन न करने का निर्णय लिया। लेकिन न्यायिक कार्य से दूर रहे। इसी बीच कुछ वकीलों ने गेट पर धरना-प्रदर्शन शुुरू कर दिया। जिलामंत्री मनोज मिश्र ने उन्हें ऐसा न करने को कहा। जिस पर विवाद हो गया। संगठन के निर्णय को अनसुना करने पर वह झल्ला गए और जिलामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया लेकिन एल्डर्स कमेटी ने उनके इस्तीफा को स्वीकार नहीं किया था।