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बरहज में 220 और महुआडीह में 132 केवीए के बनेंगे नए उपकेंद्र

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बरहज में 220 और महुआडीह में 132 केवीए के बनेंगे नए उपकेंद्र
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शासन से मंजूरी के बाद तेज हुई जमीन की तलाश
बिजली दुर्व्यवस्था से जूझ रहे जिले के लोगों को मिलेगी राहत, सुधरेगी आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बिजली दुर्व्यवस्था से परेशान जिले के लोगों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। न तो लो वोल्टेज की समस्या रहेगी और न ही मेन लाइन में फाल्ट से बार-बार अघोषित कट लगेंगे। दरअसल, जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए दो नए बड़े उपकेंद्रों बनाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत बरहज में 220 केवीए का विद्युत उपकेंद्र बनेगा, जबकि महुआडीह में 132 केवीए के नए उपकेंद्र की तैयारी है। इसके लिए विद्युत प्रेषण खंड ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है। दोनों ही नए उपकेंद्रों को हर हाल में 2021 तक शुरू करने के निर्देश हैं।
करीब 34 लाख की आबादी वाले जिले में फिलहाल 220 केवीए का एकमात्र उपकेंद्र कतरारी में है। यहां ग्रिड से सीधे 220 केवीए की लाइन आती है, जिसे जिले के अन्य क्षेत्रों में 132 और 33 केवीए के उपकेंद्रों को भेजा जाता है। उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि के साथ ही बिजली की मांग भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में कहीं लो वोल्टेज की समस्या है तो कहीं फाल्ट होने से आपूर्ति ठप हो रही है। कतरारी उपकेंद्र पर दबाव कम करने के लिए विद्युत निगम अब बरहज में 220 केवीए का नया उपकेंद्र बनाने की तैयारी में है। इसके लिए करीब दस एकड़ जमीन ढूंढने का कार्य शुरू हो गया है। कोशिश है कि पहले अनुपयोगी सरकारी भूमि उपलब्ध हो जाए। ऐसा न होने पर निगम जिला स्तरीय समिति की निगरानी में खुद जमीन खरीदेगा। विभागीय अफसरों के मुताबिक देवरिया से रसड़ा के लिए 220 केवी की नई लाइन बिछाई जा रही है। यह लाइन बरहज से होकर गुजरेगी। इसी के माध्यम से बरहज में भी नया उपकेंद्र बनाया जाएगा। बरहज में 220 केवीए का उपकेंद्र होने से रुद्रपुर और गोरखपुर के कौड़ीराम को भी बिजली मिलेगी। इस उपकेंद्र को बनाने में करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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महुआडीह में 132 केवी का नया उपकेंद्र बनेगा
प्रस्तावित कार्ययोजना के मुताबिक देसही देवरिया ब्लॉक के महुआडीह में भी 132 केवीए का नया उपकेंद्र बनाया जाना है। देवरिया से हाटा को जा रही लाइन के मध्य महुआडीह में उपयुक्त जमीन की तलाश कर उपकेंद्र बनाया जाएगा। सदर तहसील प्रशासन जमीन की तलाश में जोर-शोर से जुटा हुआ है। इस उपकेंद्र की लागत तकरीबन 18 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
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मिलेगी बेहतर बिजली, लो वोल्टेज की समस्या का भी होगा समाधान
नए उपकेंद्र बनने के बाद उपभोक्ताओं को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति तो होगी ही, लो वोल्टेज की समस्या का भी स्थायी समाधान होने की बात कही जा रही है। विभागीय जानकारों के मुताबिक उपकेंद्र से दूरी बढ़ने के साथ लाइन लास भी बढ़ता जाता है। हाईपावर वाले उपकेंद्र पास होंगे तो यह समस्या नहीं रहेगी। इससे कटौती तो कम होगी ही, वोल्टेज भी सुधरेगा।
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उपभोक्ताओं तक ऐसे पहुंचती है बिजली
ग्रिड के माध्यम से आने वाली बिजली को पहले ट्रांसमिशन के 220 केवी के उपकेंद्र में लाया जाता है। यहां से उसे 132 केवी में तब्दील कर आगे भेजा जाता है। 132 केवीए उपकेंद्र में आने के बाद लाइन को 33 केवी उपकेंद्र में ले जाया जाता है और वहां से 11 हजार वोल्ट में तब्दील कर आपूर्ति की जाती है।
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बरहज में 220 और महुआडीह में 132 केवीए के नए उपकेंद्र का के लिए कार्ययोजना को मंजूरी मिल चुकी है। इनके लिए जमीन ढूंढी जा रही है। नए उपकेंद्र बनने के बाद जिले में बिजली की समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाएगा। 2021 तक दोनों योजनाओं के तहत प्रस्तावित कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। - सुशील कुमार आर्या, अधिशासी अभियंता, विद्युत प्रेषण खंड, देवरिया।
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