50 एकड़ में बनेगा गो अभ्यारण्य स्थल
गोवंश संरक्षण अनुश्रवण समिति की बैठक में डीएम ने भूमि तलाशने के दिए निर्देश
दीर्घकालिक दृष्टिकोण से बनाएं गोशाला संचालन की योजना: डीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विकास भवन के सभागार में बुधवार को डीएम ने जनपदीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में गो आश्रय स्थलों की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। कहा कि निर्धारित मानकों के अनुपालन के साथ आश्रय स्थल संचालित किया जाना चाहिए। डीएम ने गो अभ्यारण के लिए भूमि की तलाश करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विभिन्न गोशालाओं में गोबर के कंडे बनाए जाते हैं। कंपोस्ट खाद, अगरबत्ती आदि के लिए भी गोबर का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में इसका अभिलेखीकरण करना अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने मुख्य राजस्व अधिकारी को कहा कि एक एकड़ से अधिक की गोचर भूमि की सूची एनआईसी से प्राप्त कर हरा चारा उगाया जाए। जनपद में गो अभ्यारण्य स्थापित करने के लिए भूमि तलाशी जाए। इसके लिए 40 से 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को अगले पांच साल के मद्देनजर तात्कालिक एवं दीर्घकालिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गोशाला के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को कुपोषित बच्चों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के बच्चे कुपोषित हैं, उन्हें गो आश्रय स्थलों में रह रहीं दुधारू गायों को उपलब्ध कराया जाए। इससे पोषण स्तर में सुधार होगा। सहभागिता योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया जाना चाहिए।
बताया कि जनपद में सहभागिता योजना का लक्ष्य 770 है। इसके सापेक्ष 562 का चयन किया गया तथा वर्तमान में 201 गोवंशों को भरण-पोषण के लिए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, सीआरओ रजनीश राय, उपजिलाधिकारी रुद्रपुर ध्रुव कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी रविशंकर राय, डीसी मनरेगा बीएस राय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरविंद कुमार वैश्य, डीपीओ कृष्ण कांत राय, ईओ रोहित सिंह, डीएसटीओ मनोज श्रीवास्तव सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।