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Deoria News: 20 हजार क्विंटल धान खा गए जिम्मेदार

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20 हजार क्विंटल धान खा गए जिम्मेदार
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जिले में अनियमितता की भेंट चढ़ी धान की खरीद, अब तक चार केंद्र प्रभारियों पर केस दर्ज
डीएम की जांच में सामने आई क्रय केंद्रों पर धान खरीद में गड़बड़ी
धान खरीद में घपले में बढ़ सकती है मुकदमों की संख्या
जिम्मेदारों पर लटकी निलंबन की तलवार
देवरिया। सरकार की मंशा थी कि धान खरीदकर किसानों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने में मदद की जाए, लेकिन जनपद में यह योजना पूरी तरह से अनियमितता की भेंट चढ़ गई। जनपद में करीब 20 हजार क्विंटल धान जिम्मेदार ही निगल गए।
क्रय केंद्रों के प्रभारी धान गायब करते रहे और इसका खामियाजा किसान भुगतते रहे। यह हकीकत जिलाधिकारी की ओर से गठित जांच टीम की रिपोर्ट में सामने आई है। इसके बाद से अब तक चार केंद्र प्रभारियों के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। अब उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
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खरीद घोटाले को मंडलायुक्त रवि कुमार एनजी ने भी गंभीरता से लिया है। उन्होंने संभागीय खाद्य नियंत्रक को पत्र जारी कर अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन न करने वाले कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार खाद्य एवं रसद विभाग की प्रमुख सचिव ने डीएम को तीन सौ क्विंटल से अधिक धान का गबन करने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की धान क्रय केंद्रों की समीक्षा के दौरान कई अनियमितता और लापरवाही सामने आई थी। इसके बाद डीएम ने 13 जनवरी को टीम गठित कर धान क्रय केंद्रों की जांच कराई। इसमें धान खरीद में घपला सामना आया था। जनपद में 10 धान क्रय केंद्रों पर स्टॉक बुक और भौतिक सत्यापन में अंतर की बात सामने आई थी। इसके बाद परसिया छितनी सिंह, बंजरिया भलुअनी, रुस्तमपुर और कृतपुरा रुद्रपुर के केंद्र प्रभारियों के खिलाफ गबन व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीएम की ओर से गठित टीम की जांच में जनपद में 10 धान क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी पाई गई थी। इनमें क्रय केंद्र बंजरिया भलुअनी में 3896 क्विंटल धान गायब मिला था। क्रय केंद्र रुस्तमपुर में 10,284 क्विंटल धान के गोलमाल की बात सामने आई थी। परसिया छितनी सिंह में 2198 क्विंटल, कृतपुरा में 1086 क्विंटल, गाजीपुर भैंसही में 354 क्विंटल, रामचक खोरमा में 384 क्विंटल, बेलवा दुबौली में 400 क्विंटल, लार में 300 क्विंटल और भाटपाररानी ब्लॉक गोदाम में 1084 क्विंटल धान भौतिक सत्यापन में गायब मिला था।
वहीं, नरायनपुर औराई में जब टीम पहुंची तो केंद्र प्रभारी गायब मिले थे। फोन पर रिपोर्ट दिखाने की बात कही थी, लेकिन पेश नहीं कर सके थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में 92 धान क्रय केंद्रों के स्टॉक का सत्यापन उपजिलाधिकारी व उनकी टीम ने किया था। संवाद
चार पर केस दर्ज और केंद्र प्रभारियों पर हो सकती है कार्रवाई
धान खरीद में घपला उजागर होने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन के मूड में है। अब तक चार धान क्रय केंद्र प्रभारियों पर गबन व अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। इनमें कृतपुरा के केंद्र प्रभारी संतोष कुमार यादव, बंजरिया के प्रभारी अभिषेक गुप्ता, रुस्तमपुर के केंद्र प्रभारी दीपक कुमार और परसिया छितनी सिंह के केंद्र प्रभारी मकसूद आलम शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार तक दो-तीन और क्रय केंद्र प्रभारियों पर केस दर्ज कराया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि केंद्र प्रभारी तो छोटी कड़ी हैं। विभाग के बड़े जिम्मेदारों पर भी निलंबन की तलवार लटक रही है।
लखनऊ से आई खाद्य एवं रसद विभाग की टीम ने की पड़ताल
जिले में धान खरीद में हुए घपले को खाद्य एवं रसद विभाग ने गंभीरता से लिया। विभाग ने इसकी जांच के लिए लखनऊ से टीम भेजी। इस टीम ने सोमवार और मंगलवार को गौरीबाजार, रुद्रपुर सहित जनपद के कई धान क्रय केंद्रों की जांच की थी। टीम ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
किसानों से बातचीत
धान क्रय केंद्रों पर किसानों को सहूलियत नहीं मिल रही है। धान खरीदने के लिए समिति के सचिवों का चक्कर काटना पड़ रहा। क्रय केंद्र पर जाने के बाद धान में नमी निकाल कर कटौती की जा रही है। ऐसे में किसानों को बिचौलियों को धान बेचना मजबूरी बन गई है।
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-जयप्रकाश सिंह, किसान, बेलकुंडा
धान क्रय केंद्र नजदीक नहीं होने से परेशानी झेलनी पड़ रही। किसानों को करीब दस किलोमीटर दूर धान बेचने के लिए जाना पड़ रहा। खरीदारी की सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी किसानों को उनके धान का मूल हक नहीं मिल पा रहा। पकड़ी बाजार, फतेहपुर साधन सहकारी समिति पर धान क्रय केंद्र नहीं होने से क्षेत्र के किसानों को दुकानदारों को धान बेचना पड़ रहा है।
-रामाश्रय यादव, किसान, नगवा
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