कुर्सी पर लिटाकर बुजुर्ग को ग्लूकोज चढ़ाया गया।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज भगवान भरोसे है। चिकित्सकों के आने का समय नहीं है। मरीज और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी के लिए मरीज तरस रहे हैं। बेडशीट भी कई-कई दिनों तक बदली नहीं जाती।
गंदी बेडशीट पर मरीजों लेटने को विवश हैं। बुधवार को दिन में 11:30 बजे ‘अमर उजाला टीम’ ने जिला अस्पताल में इंतजाम का जायजा लेने पहुंची। ओपीडी के बाहर मरीज और तीमारदारों के भीड़ थी। उधर से गुजरना मुश्किल था। किसी तरह लोग आ जा रहे थे। कुछ डॉक्टर अपनी सीट पर बैठे नहीं थे, कुछ जगहों पर लंबी कतारें लगी थी। घंटों इंतजार के बाद मरीज को परामर्श मिल पा रहा था।
सर्जिकल वार्ड के पास स्थित शौचालय की हालत बदतर मिली। कई दरवाजे टूटे थे, गंदगी पसरी थी। मुंह पर रुमाल रखकर लोग सर्जिकल वार्ड की तरफ से गुजरते दिखे। पकड़ी बाजार निवासी रामनरेश को उनका नाती लवकुश जिला अस्पताल में लेकर आया था। उन्हें सांस लेने में दिक्कत थी। इमरजेंसी वार्ड में जगह नहीं मिलने पर पीछे गैलरी में ज्वाइंट कुर्सी पर मरीजों को लिटा कर ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था।
इस बाबत वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी कनौजिया ने बताया कि अस्पताल की कमियां दूर की जाएंगी। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ जाने से मरीजों को कुर्सी पर लिटा कर ग्लूकोज चढ़ाना पड़ा। यदि पंद्रह बेड बढ़ जाएं तो इस तरह की कमियां सामने नहीं आएंगी।