किसानों के विरोध के बाद भी अफसरों को गुमराह कर लार पुलिस सिंचाई विभाग की नाली पर बिजली का पोल गड़वा रही थी। इसकी जानकारी होते ही सिंचाई विभाग के अफसरों ने पोल गाड़ने से मना कर दिया। मौके पर पहुंचे अफसरों को किसानों ने खेतों की सिंचाई के लिए नाली का निर्माण कराने की मांग की है।
खेमादेई गांव में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण हुआ है। यहां पर मुख्य लाइन ले जाने के लिए नए रूट पर बिजली का पोल गड़वाया जा रहा है। दो माह पूर्व किसानों ने विरोध किया और ठेकेदार के वर्कर की पिटाई कर खदेड़ दिया। किसानों का कहना है कि पहले से खेमादेई गांव में दो रूट से बिजली का हाईटेंशन तार गया है जो नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र चालू हो जाने के बाद पहले से गई दोनों रूट बंद हो जाएगा। ऐसे में पुराने रूट से ही बिजली की सप्लाई ले जाना उचित है। तारों का जंजाल बिछाने से आगलगी की घटनाएं होंगी और किसानों की हर साल फसल जलेगी। लेकिन ठेकेदार के दबाव में आई लार पुलिस अफसरों को गुमराह कर जबरन सिंचाई विभाग की चकनाली पर पोल गड़वाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर किसानों पर केस करने की धमकी दी। रविवार को सिंचाई विभाग के अमीन मोहन पति त्रिपाठी और रामहरेश मौके पर पहुंचे और चकनाली पर पोल गाड़ने से ठेकेदार के वर्करों को रोक दिया। वहीं किसानों ने सिंचाई के लिए कर्मचारियों को पत्रक देकर नाली का निर्माण कराने की मांग की। सिंचाई विभाग सलेमपुर के एक्सईएन ओपी चौबे ने बताया कि ठेकेदार को चकनाली पर पोल गाड़ने से रोका जा चुका है। किसी भी कीमत पर चकनाली पर पोल नहीं गड़ेगा। इसके लिए कर्मचारियों को भेजा गया है। नहीं मानने पर ठेकेदार पर केस दर्ज होगा