सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मानसिक तौर पर अक्षमों को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर हो गई है।
सरकार मानसिक अक्षम बेसहारा लोगों को रहने का ठिकाना और भोजन मुहैया कराने के लिए स्वैच्छिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी।
इसके लिए आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन के लिए आर्थिक सहयोग देगी।
इसके अलावा परिवार के साथ रहने वाले मानसिक अक्षमों के साथ ही देखभाल करने वाले परिवारजनों को भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
विकलांग जन कल्याण विभाग के सचिव अनिल कुमार सागर ने निदेशक विकलांग जन विकास विभाग के डीएम, मंडलायुक्त, आयुक्त विकलांग जन को इस आशय की गाइड लाइन भेजी है।
उन्होंने बताया है कि बिना किसी सामाजिक आर्थिक सहयोग के कठिन हालत में जीवन यापन करने वाले निराश्रित हो या सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर भटकने वाले मानसिक अक्षम, सबकी आश्रय, भोजन, वस्त्र, और देखभाल की बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
भावनात्मक और सामाजिक संबल प्रदान किया जाएगा। कौशल विकास और दैनिक क्रिया के लिए प्रशिक्षण के जरिए व्यक्तित्व विकास और सामाजिक आर्थिक रूप से पुनर्वासित किया जाएगा।
परिवार से बिछड़े ऐसे अक्षमों को मिलाने का प्रयास किया जाएगा। केंद्र के संचालन के लिए पदों पर तैनाती के लिए योग्यता निर्धारित की गई है।