बरहज। सरयू के करवट लेने से नदी के जलस्तर में तेजी से बढोतरी हो रही है। शनिवार को थाना घाट पर बने मीटर गेज पर नदी खतरे के लाल निशान 66.50 से 90 सेमी ऊपर 67.40 पर बह रही है। सरयू पटेल नगर वार्ड के पिच मार्ग और नाली-नाला के रास्ते लोगों के घरों में घुसने के लिए मचल रही है। नदी के जलस्तर में निरंतर हो रही वृद्धि को देख लोग एक बार फिर हताश हो गए हैं।
पिछले चार दिनों से नदी के उफनाने से चारों ओर पानी ही पानी हो गया है। इससे राप्ती भी बढ़त पर है। परसियां-विशुनपुर देवार के जरलहवा, बरमहवां, स्कूलहिया आदि करीब आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों तक नदी का पानी पहुंच गया है। जबकि मदनपुर थाना क्षेत्र का भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। कटइलवा-कपरवार संगम तट, महेन-मोहरा और गायघाट बंधे पर नदी दबाव बना रही है। आई बाढ़ के कारण 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। कटइलवा के जवाहिर यादव, कपरवार के देवेश सिंह, परसियां देवार के संजय यादव, जज यादव आदि का कहना है कि नये-पुराने बांधों के बनने और मरम्मत होने से कुछ हद तक राहत है। यदि बांध टूटे तो भारी तबाही मच सकती है। बाढ़ आने से पशुओं के लिए चारा का संकट उत्पन्न हो गया है। बाढ़ का पानी लगने से विषैले जीव-जंतुओं का डर सता रहा है।बाढ़ खंड विभाग के सहायक अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि दर्ज किया गया है। फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है।