देवरिया। प्रतापपुर चीनी मिल का करीब 75 हजार क्विंटल गन्ना लेने से सेवरही चीनी मिल ने इन्कार कर दिया है। सेवरही चीनी मिल ने दूसरे चीनी मिल को गन्ना आवंटित करने का अनुरोध किया है। ऐसे में प्रतापपुुुर क्षेत्र के गन्ना किसान सांसत में पड़ गए हैं। जिला प्रशासन ने वादे से मुकरने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्रतापपुुर चीनी मिल ने 17 जनवरी को अचानक पेराई बंद कर दी। जिसके चलते प्रतापपुर चीनी मिल परिक्षेत्र के गन्ने का डायवर्जन दूसरी चीनी मिलों को कर दिया गया।
पांच तौल केंद्रों बंजरिया, कनकपुुरा प्रथम और द्वितीय, कंचनपुर प्रथम और द्वितीय का गन्ना सेवरही चीनी मिल को देने की सहमति हुई थी लेकिन अब सेवरही चीनी मिल ने प्रतापपुर के पांच तौल केंद्रों का गन्ना लेने से इन्कार कर दिया है। इस वजह से किसानों का गन्ना सूख रहा है। किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों की समझ में नहीं आ रहा है कि वे क्या करें।
दी यूपी शुगर कंपन लिमिटेड सेवरही के अधिशासी निदेशक ने जिला गन्ना अधिकारी देवरिया और कुशीनगर, उप गन्ना आयुक्त देवरिया, डीएम देवरिया, संयुक्त गन्ना आयुक्त क्रय लखनऊ और आयुक्त गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग लखनऊ को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि पेराई शुरू होने के एक माह तक यांत्रिक खराबी के कारण चीनी मिल पूरी क्षमता से पेराई नहीं कर सकी है। जिसके चलते क्षेत्र में काफी मात्रा में गन्ना खड़ा है।
गन्ना किसानों का मिल पर दबाव है। प्रतापपुर चीनी मिल के तौल केंद्रों के आवंटन की सूचना मिलने पर जनप्रतिनिधि और किसान गुस्से में हैं। उनकी तरफ से विरोध किया जा रहा है कि क्षेत्र में पर्याप्त गन्ना होते हुए भी चीनी मिल को बाहर से तौल केंद्र आवंटित क्यों किए जा रहे हैं? चीनी मिल बंद करने और जनांदोलन करने की चेतावनी दी जा रही है।
जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम ने बताया कि सेवरही चीनी मिल की सहमति से ही पांच तौल केंद्रों का गन्ना डायवर्जन किया गया था। अब चीनी मिल लेने से मना कर रही है। चीनी मिल को गन्ना लेने का निर्देश दिया गया है। आदेश की अवहेलना होने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।