सिविल लाइंस : अग्निशमन केंद्र से बस स्टैंड तक दोनों पटरियों पर सजती हैं दुकानें
देवरिया। शहर का मुख्य मार्ग, सिविल लाइंस रोड 65 फीट चौड़ा होने के बावजूद अतिक्रमण के चलते जाम से हलकान रहता है। दोनों तरफ की पटरियों पर सजी दुकानें और सड़क पर खड़े वाहन दिन भर इधर से गुजरने वालों के लिए समस्या का कारण बनते हैं। अग्निशमन केंद्र से बस स्टैंड गेट तक हर दस मिनट पर जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है।
अग्निशमन केंद्र के सामने नाले तक दुकानें बनी हैं। मंगलवार को दिन में दोपहर एक बजे पटरियों पर ठेले, खोमचे वालों का कब्जा नजर आया। इस रोड पर दो माल व कई शोरूम भी हैं। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने की वजह से यहां आने वाले ग्राहकों की गाड़ियां सड़क पर खड़ी दिखीं। शाम को रामनाथ देवरिया मोहल्ला गेट के सामने पूरब तरफ सब्जियों की दुकानें सज जाने से दिक्कत और बढ़ गई।
उधर, रोडवेज गेट से बसों के निकलने और घुसने की वजह से लोक निर्माण विभाग कार्यालय से बस स्टैंड तक पहुंचना दुरूह हो जाता है। जाम की वजह से वाहन तो खड़े ही रहते हैं पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। कचहरी चौराहे के पास बिजली पोल की आड़ में ठेले पर दुकानें सजी रहती हैं। वहीं नालों पर फोटो-कॉफी करने वालों का कब्जा हैं।
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लोग बोले
सिविल लाइंस शहर का मुख्य मार्ग है। बिना जाम में फंसे इधर से गुजरना मुश्किल है। भटवलिया से कचहरी तक एसपी सहित अन्य अफसरों का आना-जाना भी रहता है। बावजूद अतिक्रमण करने वालों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। -प्रणव मिश्र, भटवलिया
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नगर पालिका प्रशासन अतिक्रमण को लेकर गंभीर नहीं है। शहर का मुख्य मार्ग ही जाम के चलते बदहाल है। सिविल लाइंस पर मॉल व नामी गिरामी कंपनियों के शोरूम हैं। यहां लोग वाहन सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं। -मधुमिता तिवारी, सोंदा
बस स्टैंड के पास से ही मेडिकल कॉलेज जाने का रास्ता है। अतिक्रमण और बसों के बार-बार आने-जाने से जाम लगता है। चौराहे के किनारे ठेला लगने और ई-रिक्शा के खड़े होने के कारण पैदल निकलने में भी दिक्कत होती है। -हरीश मिश्रा, मालवीय रोड
सिविल लाइंस की कागज में तो चौड़ाई सौ फीट से अधिक है। 65 फीट में ही सड़क का निर्माण हुआ है। बावजूद इसके बार-बार लग रहे जाम से राहगीरों को दिक्कत हो रही है। इसको लेकर अफसर गंभीर नहीं हैं। -संजय पासवान, परशुराम चौक
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कोट
शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके पहले भी अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया था। 50 से अधिक अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया भी जा चुका है। -रोहित सिंह, ईओ