इंश्योरेंस कंपनी पर कार्रवाई से परहेज
चार माह से दौड़ रहे किसान, दो करोड़ से अधिक कंपनी ने लिया है फसल बीमा का प्रीमियम
दबाव बना तो कंपनी ने क्रॉप कटिंग के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि देने को हुआ तैयार
अफसरों और इंश्योरेंस कंपनी के झूठे आश्वासन से परेशान किसान आंदोलन के मूड में
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। किसानों को धोखा देकर फसल बीमा कराने वाली ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी के जिम्मेदारों पर कार्रवाई से अफसर परहेज कर रहे हैं। किसानों की पीड़ा सुनने के बावजूद अधिकारी सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं। अभी तक किसानों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। इसको लेकर किसान आंदोलन के मूूड में हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने की जिम्मेदारी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को मिली। जिले के करीब 42 हजार किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा कराया। बीमा कराने वाले किसानों से दो करोड़ से अधिक प्रीमियम बीमा कंपनी ने लिया है। लगातार बारिश होने पर किसानों ने धान की फसल बर्बाद होने का क्लेम किया। बीमा कंपनी ने इंश्योरेंस पालिसी में धान और गन्ने की फसल शामिल नहीं होने की बात कह अपना पल्ला झाड़ लिया। यह सुनकर अफसर भी हैरान हो गए। बीमा कंपनी पर अफसरों ने दबाव बनाया तो क्रॉप कटिंग के आधार पर फसल बीमा देने को कंपनी के अफसर तैयार हुए। अक्तूबर 2019 में जिला प्रशासन ने क्रॉप कटिंग की रिपोर्ट शासन को भेज दी। लेकिन अभी तक एक भी प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल सका है। बीच किसानों ने दबाव बनाया तो अफसरों ने कई बार आश्वासन दिया, जो अभी तक झूठा साबित हुआ है। किसान दिवस में भी डीएम के सामने किसानों ने पुरजोर तरीके से इस मुद्दे को उठाया। अफसरों ने इंश्योरेंस कंपनी की लापरवाही बताते हुए विभागीय कार्रवाई की बात कही। लेकिन कृषि मंत्री के जिले के किसान इंश्योरेंस कंपनी और अफसरों की हरकत से मर्माहत हैं। अब किसान आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं।
कोट
बीमा कंपनी को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। क्रॉप कटिंग के आधार पर प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति राशि मिलनी है। क्लेम सेटलमेंट का काम चल रहा है। बहुत जल्द क्षतिपूर्ति राशि किसानों को मिल जाएगी।
-डॉ. एके मिश्रा, कृषि उप निदेशक।
बीमा कंपनी ने किसानों को ठगने का काम किया है। धोखे में रखकर फसल बीमा कराया और करोड़ों रुपये प्रीमियम हड़प लिया। बारिश में फसल बर्बाद हुई तो नियम कानून का हवाला कंपनी के कर्मचारी देने लगे। अफसर भी उन्हीं के साथ राग मिला रहे हैं। इसको लेकर किसान आंदोलन करेंगे।
-राघवेंद्र प्रताप शाही जिलाध्यक्ष भाकियू
फरवरी के अंत तक प्रभावित किसानों को फसल क्षतिपूर्ति मिलने की उम्मीद है। कागजी कार्रवाई चल रही है। करीब एक करोड़ ही किसानों को क्षतिपूर्ति मिलेगी। इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है।
-विनोद मौर्या, जिला कोऑर्डिनेटर ओरिएंटल इंश्योरेंस।