संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोतवाली क्षेत्र में विदेश भेजने के नाम पर दो ट्रेवेल्स एजेंसी के ठगी के मामले को पुलिस सुलझाने के करीब पहुंची ही थी कि शनिवार की देर शाम एक कंपनी बनाकर 12 लोगों से 19.50 लाख रुपये से अधिक की जालसाजी करने का मामला सामने आ गया। पुलिस ने संचालक को गिरफ्तार कर प्राथमिकी दर्ज कर ली। पुलिस आरोपी संचालक से पूछताछ कर रही है।
ठगे गए युवकों की तहरीर के अनुसार, आजमगढ़ के कोतवाली के सिविल लाइंस निवासी अखिलेश सिंह रेडिसन ग्लोबल बिजनेस के नाम से ट्रेडिंग कंपनी चलाता था। उसकी मुलाकात मार्च 2023 में सिविल लाइंस रोड स्थित एक होटल में रामपुर कारखाना के भगवानपुर तिवारी निवासी धनंजय कुमार तिवारी से हुई। धनंजय ने पुलिस को दिए गए आवेदन में कहा कि बातचीत के दौरान उसने उससे कहा कि वह ट्रेडिंग कंपनी रेडिसन ग्लोबल बिजनेस के नाम से चलाता है। इसका भविष्य बहुत उज्ज्वल है। यदि उसकी कंपनी में खुद व अपने मित्रों का पैसा इनवेस्ट कराएगा तो कुछ दिनों में दो से तीन गुना मुनाफा करके दूंगा।
उसके झांसे में आकर उसने अपने परिचितों की मीटिंग करा दी। 27 मार्च 2023 को सुबह के समय वह अपने मित्रों अंकित श्रीवास्तव, शुभम गुप्ता, वैभव तिवारी, प्रियांशु बरनवाल, तेजबहादुर पाल, सन्नी जायसवाल, नौशाद, सोमनाथ पाल, मारकंडेय गिरि को लेकर होटल पहुंचा। जहां उसने अपने ट्रेडिंग कंपनी के कागजात दिखाए तथा अपने विश्वास में लेकर उनका पहचानपत्र ले लिया। कई फार्मों पर उनके हस्ताक्षर करवा लिए।
इधर, आजमगढ़ बुलाने का इंतजार कर रहे लोगों ने जब उससे संपर्क किया तो वह इधर-उधर की बात करने लगा। काफी समय बीतने के बाद उसने कोई जवाब नहीं दिया तो वे लोग अपना पैसा वापस मांगने लगे, लेकिन उसने पैसा वापस नहीं किया। धनंजय ने बताया है कि एक साजिश के तहत हमें विश्वास में लेकर धोखाधड़ी कर फर्जी कंपनी के नाम पर हम लोगों से 19.50 हजार रुपये हड़प लिया तथा मांगने पर नहीं दे रहा है।
इधर, सूचना संज्ञान में आने पर कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने संचालक को अखिलेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद धनंजय कुमार तिवारी की तहरीर पर उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। कोतवाल वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है।
जमानत मिलने की सूचना पर देर शाम तक कोतवाली में जमे रहे पीड़ित युवक
दर्जनों युवक का 19.5 लाख जालसाजी करने वाले अखिलेश सिंह की गिरफ्तारी व प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना पर पीड़ित सीधे कोतवाली पहुंचे, जहां उन्हें सूचना मिली कि जालसाजी के आरोपी को जमानत मिल गई है। इसके बाद उनलोगों ने नाराजगी जताई और सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां से फिर कोतवाली पहुंचे तो जालसाजी का आरोपी कोतवाली में दिखा। देर शाम तक पीड़ित कोतवाली में डटे रहे।