भागलपुर। मुआवजे के पेच में नवलपुर से सिकंदरपुर तक बन रही फोरलेन सड़क का निर्माण एक साल से चार जगह रुका हुआ है। सड़क कहीं आधी बनी है तो कहीं सिर्फ मिट्टी के टीले पड़े हैं। निर्माण ठप होने से परियोजना के भी निर्धारित समय में पूरा होने पर संशय है।
इस फोरलेन परियोजना में तीनों गांवों के करीब 20-25 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। जमीन का अधिग्रहण दो साल पहले हो गया था, नाप-जोख भी पूरी हो चुकी है। किसानों का आरोप है कि उन्हें कम सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि बाजार भाव चार गुना बढ़ गया है। कई किसानों को अभी तक एक रुपया भी नहीं मिला है, जबकि कुछ को आधा पैसा ही मिला है।
भागलपुर से कुंडौली तक करीब छह किलोमीटर के खंड में काम रुका हुआ है। इस वजह से इस सड़क पर आवागमन में दिक्कत हो रही है। सड़क को अगले साल पूरा होना है मगर निर्माण कार्य की सुस्ती देखकर लगता नहीं है कि यह समय से पूरा हो पाएगी। बरसात से पहले खोदी गई सड़क तालाब में बदल गई थी। इस बदहाली का मुख्य कारण किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिलना है। भागलपुर, ईशारू और कुंडौली गांवों के किसानों को एक साल बाद भी पूरा मुआवजा नहीं मिला है।