संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लाठी-डंडे की बूते पर सड़क पर स्टैंड के नाम पर की जा रही मालवाहकों से वसूली को तीन दिन पहले सीओ ने बंंद करा दी थी। इसके बावजूद ठेकेदार के सहयोगियों ने दबंगई से मालवाहकों से वसूली कर रहे थे।
शुक्रवार को डीएम दिव्या मित्तल के निर्देश पर नायब तहसील गोपालजी और कोतवाल संतोष कुमार सिंह जांच करने पहुंचे।
जांच में पाया गया कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान नगर पंचायत जहां स्टैंड के लिए जगह चिह्नित की है, उससे हटकर सलेमपुर-देवरिया मुख्य मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर जबरन वसूली की जा रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने वसूली करने वले चार लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई।
कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव निवासी रामकांत सिंह पुत्र राजवंशी सिंह, शारदा यादव पुत्र बसंत यादव, रामपुर बछउर गांव निवासी हरेंद्र सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह व नदौली गांव निवासी मनोज यादव पुत्र धर्मदेव यादव को पुलिस ने शांति भंग में चालान एसडीएम दिशा श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया, जहां से 14 दिन के लिए जेल भेज दिए गए।
सलेमपुर-देवरिया मुख्य मार्ग पर बस स्टैंड के पास लाठी-डंडे के बूते पर मालवाहकों से वसूली की जा रही थी। जबकि नगर पंचायत ने टेंडर प्रक्रिया में वसूली के लिए सोहनाग रोड स्थित फौजी हाउस और नगर पंचायत कार्यालय के दक्षिण जगह चिह्नित किया है। तीन माह पहले एसपी के निर्देश पर सीओ ने इस जगह पर हो रही वसूली को अवैध बताते हुए बंद करा दिया था।