...आखिर कैसे और किसके इशारे पर स्थापित की गई मोहन सिंह की प्रतिमा
देवरिया। टाउनहाल स्थित प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) के नाम को लेकर मामला तूल पकड़ने के बाद प्रशासनिक अफसर, नगरपालिका और ठेकेदार तीनों ने अपना-अपना पल्ला झाड़ लिया है। कोई यह कहने को तैयार नहीं है कि उन्होंने प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) में पूर्व सांसद मोहन सिंह का नाम लिखवाया और प्रतिमा लगवाई। ऐसे में प्रश्न यह है कि आखिर प्रतिमा लगी कैसे। नगरपालिका की अध्यक्ष ने ईओ को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। उधर, ईओ ने ठेकेदार को नोटिस देकर मामले की जांच बैठा दी है। सोमवार को सभासदों का प्रतिनिधिमंडल गोरखपुर में कमिश्नर से मिला। उन्होंने अपनी मांगों का पत्रक सौंप कर नाराजगी जताई है।
टाउनहाल कैंपस में नया सवेरा योजना के तहत प्रेक्षागृह बनाने की कवायद नगर पालिका ने वर्ष 2016 में शुरू की। उस समय शासन से धन नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह की पुत्री सपा नेता एवं पूर्व सांसद कनकलता सिंह ने शासन को पत्र लिखा। उनके पत्र लिखने के बाद तत्कालीन सपा सरकार ने नया सवेेरा योजना के तहत धन स्वीकृत किया, लेकिन उसमें कहीं प्रेक्षागृह के नाम में स्व. मोहन सिंह का जिक्र नहीं किया गया था।
22 सिंतबर को वह इसी प्रेक्षागृह में कनकलता पूर्व सांसद की पुण्यतिथि मनाने की तैयारी में जुटी थीं कि मामला तूल पकड़ लिया। उन्होंने भी कहा है कि हमें क्या पता प्रेक्षागृह का नाम किसने बाबू मोहन सिंह लिखवाया और प्रतिमा लगवाई। उधर, कमिश्नर से मिलकर सभासदों ने अवगत कराया कि 21 दिसंबर 2019 को नगरपालिका बोर्ड की बैठक हुई। जिसमें सभासद आशुतोष तिवारी ने प्रेक्षागृह टाउनहाल और वार्ड नंबर-19 के छोटा पार्क के नामकरण का प्रस्ताव लाएं। उन्होंने प्रेक्षागृह का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर एवं न्यू कालोनी पार्क का नाम प्रखर राष्ट्रवादी श्यामा प्रसाद मुखर्जी रखे जाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे पास किया गया था। जबकि डीएम को अध्यक्ष पत्र लिख चुकी है। इस दौरान दिनेश शुक्ल, अमित मिश्र, धर्मेन्द्र सिंह, गोविंद चौरसिया, सुमित गुप्ता, रीमा पासवान, रजती देवी, वीरेंद्र सिंह, नित्यानंद पांडेय, वीरेंद्र सिंह, गीता सिंह, आशीष, इसरावती, चंद्रेशखर गुप्ता, हुस्नआरा, इशरावती, गीता देवी, श्याम सुंदर आदि मौजूद रहे।
मामले की जांच सहायक अभियंता सिविल को सौंपी गई है। ठेकेदार को नोटिस देकर पूछा गया है कि किसके आदेश पर उन्होंने प्रतिमा की स्थापना कराई है। जवाब आने के बाद केस दर्ज कराया जाएगा। बोर्ड के संवैधानिक अधिकारों को उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।
सत्यप्रकाश सिंह, अधिशासी अधिकारी
टाउनहाल के प्रेक्षागृह में अवैध रूप से प्रतिमा स्थापित करने के संबंध में अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर हमने आपत्ति जताई है। यह बोर्ड के निर्णय का अपमान है।
अलका सिंह, अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद
वर्ष 2016 में अलका सिंह नगरपालिका की अध्यक्ष थीं। हमने प्रयास करके उनके कहने पर तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खां से प्रेक्षागृह के लिए धन दिलवाया था। उन्होंने ही शिलान्यास के समय सभागार का नाम हमारे पिता समाजवादी चिंतक पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह का लिखवाया। नगरपालिका बोर्ड से इसके लिए कोरम उन्हें पूरा करना चाहिए था। जिस नाम से शिलान्यास भवन का होता है नाम तो आगे चलकर उन्हीं का लिखा जाना चाहिए। जिसने भी सभागार का नाम बाबू मोहन सिंह लिखवाया है और मूर्ति लगवाई है वह बधाई के पात्र हैं।
कनकलता सिंह, पूर्व सांसद
दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए संगठन नेतृत्व में को भेजा सूचना
देवरिया। भाजपा कार्यकर्ता और सभासदों ने सोमवार को बैठक कर मामले की निंदा की चेयरमैन को मांग पत्र सौंपा। सभासद दिनेश शुक्ला ने कहा कि नगर पालिका बोर्ड ने अटल जी के नाम पर प्रस्ताव पास कर सभागार का नाम रखा गया था। इसके नाम में बदलाव कर सदन की गरिमा को ठेस प्रशासन द्वारा पहुंचाया गया है। पूर्व जिला उपाध्यक्ष अजय उपाध्याय ने कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। भारत रत्न अटल जी का अपमान हर भाजपा कार्यकर्ता का अपमान है। पवन मिश्रा ने कहा कि इस घटना से भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता आहत है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान जितेंद्र पांडेय, नवीन सिंह, सभासद गोविंद चौरसिया, धनुषधारी मणि, अंबिकेश पांडेय, धर्मेंद्र सिंह, श्याम सुंदर कन्नौजिया, विजेन्द्र चौहान मौजूद रहे। होम क्वारंटीन भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह ने मीडिया प्रमुख अंबिकेश पाण्डेय के हवाले इस अवैधानिक कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि सभागार का नामकरण और प्रतिमा स्थापना नगर पालिका प्रशासन के क्षेत्र में आता है। भारतीय जनता पार्टी ऐसे किसी भी अवैधानिक कार्य को प्रमाणिकता नहीं देती।
नामित सभासदों ने सीएम को लिखा पत्र
नगर पालिका के टाउनहाल परिसर में स्थित नवनिर्मित प्रेक्षागृह के नामकरण व अवैध रूप से प्रतिमा स्थापित किए जाने पर नामित सभासदों ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। वीरेंद्र कुमार सिंह, नित्यानंद पांडेय, रमेश वर्मा, अरूणेश कुमार राय, लीलावती विश्वकर्मा ने सीएम से मामले को संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है।