देवरिया/लखनऊ। धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाए गए आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को बुधवार की तड़के लखनऊ पुलिस ने सीतापुर-महोली बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया। दोपहर बाद उन्हें देवरिया के कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 13 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार अमिताभ ठाकुर 1998 में देवरिया में बतौर एसपी तैनात हुए। आरोप है कि वर्ष 1999 में पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट अलॉट करा लिया। औद्योगिक प्लॉट बी-2 नूतन इंडस्ट्रीज के नाम पर था, जिसमें नूतन ठाकुर की जगह नूतन देवी नाम लिखा गया। वहीं, पति अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात ठाकुर दर्ज किया गया था। वर्ष 2003 में इस प्लॉट को शराब कारोबारी संजय सिंह को बेच दिया गया। मामले में संजय शर्मा ने सात नवंबर, 2025 को देवरिया कोतवाली में तहरीर देकर नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर पर धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश रचने का आरोप लगाया।
जानबूझकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया
अमिताभ ठाकुर ने सीजेएम मंजू कुमारी के कोर्ट में आठ पेज का अपना पक्ष पेश किया। इसमें उन्होंने जानबूझकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। इस दौरान अमिताभ भावुक हो गए। मामले की सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। इस मामले में अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर भी आरोपी हैं।