देवरिया। पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज हो गई। कोर्ट दर्ज मामले में 10 वर्ष की सजा का प्रावधान होने के चलते जमानत नहीं दिया। वहीं न्यायिक अभिरक्षा के मामले में कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है। इस पर बुधवार को फैसला आएगा।
इंडस्ट्रियल एस्टेट पुरवां में पत्नी नूतन ठाकुर के नाम में हेरफेर कर जमीन आवंटित करने के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी और अभिषेक शर्मा ने अपनी दलील दी।
कोर्ट ने उनकी बातों को सुनने के बाद निर्णय अमिताभ ठाकुर की अर्जी के खिलाफ दिया। अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि कोर्ट ने दर्ज प्राथमिकी में दस वर्ष की सजा का प्रावधान होने का हवाला देते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।