देवरिया। इंडस्ट्रियल एस्टेट पुरवां में प्लॉट आंवटित कराने में धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज हो गई। इसके चलते उनकी जमानत नहीं हो सकी। अब बचाव पक्ष जमानत के लिए उच्च अदालत में अपील करने की तैयारी में है।
पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर ने जिले में एसपी रहते करीब 26 साल पहले शहर के पास इंडस्ट्रियल एस्टेट पुरवां में पत्नी नूतन ठाकुर के नाम से प्लॉट आवंटित कराया था। पहले प्लॉट नूतन देवी के नाम से था, जिसे बाद में नूतन ठाकुर किया गया। इसमें पति अमिताभ ठाकुर की जगह अजिताभ ठाकुर लिखा गया था। जिसे बाद में सही किया गया। इस प्लॉट को दो साल बाद संजय सिंह को हस्तांतरित कर दिया गया। इस मामले में पूर्व आईजी को बीते सप्ताह पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 13 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
उनके अधिवक्ता ने बीते शुक्रवार को जमानत अर्जी सीजेएम कोर्ट में दाखिल की थी। शुक्रवार और सोमवार को कंडोलेंस की वजह से अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। मंगलवार को इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान बचाव पक्ष ने जमानत अर्जी पर बल नहीं दिया और कोर्ट में बहस के लिए पेश नहीं हुए। इसके चलते सीजेएम कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता सुभाष चंद्र राव ने बताया जमानत अर्जी पर बल न देने के कारण खारिज हो गई। संबंधित पक्ष किसी उच्च अदालत में अपील करने की तैयारी में है।