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Deoria News: प्लाॅट लेकर भूल गए उद्योग लगाना, 103 के आवंटन निरस्त कर नए उद्यमियों को मिलेंगे

Fri, 29 Sep 2023 01:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट लेकर उद्योग न लगाने वाले लोगों की भूमि को दूसरे उद्यमियों को आवंटित की जाएगी। इससे भूमि के अभाव में भटक कर रहे नए उद्यमियों को अवसर मिलेगा। यूपीसीडा इन खाली प्लाॅटों का आवंटन नीलामी से करेगा। इसके लिए उद्योग विभाग आवंटित प्लॉटों का भौतिक सत्यापन कर सूची तैयार करने जा रहा है। सबसे अधिक प्लॉट पथरदेवा औद्योगिक क्षेत्र में खाली है, जहां 42 में से सिर्फ दो आवंटियों ने उद्यम लगाया है।
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जनपद में पांच जगहों पर औद्योगिक आस्थान (क्षेत्र) स्थापित किग गए हैं। इसमें उसरा बाजार और पुरवा आस्थान को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश जगहों पर आवंटित प्लॉट वीरान पड़े हैं। इन क्षेत्रों में लोगों को उद्योग लगाने के नाम पर सस्ती दर पर भूमि का आंवटन कर दिया गया है। इसके बाद उद्योग लगाने की बारी आई तो ज्यादातर ने कदम पीछे खींच लिए, इसके कारण इन जगहों का औद्याेगिक विकास नहीं हो सका है। इतना ही नहीं, रुद्रपुर में तो आस्थान की भूमि का चयन कांशीराम आवासीय योजना के लिए कर लिया गया। हालत यह है कि उद्यमियों ने उद्योग नहीं लगाए और कांशीराम आवास भी नहीं बने।
सलेमपुर में 16 इकाइयों आठ चालू व पांच शेड में चार शेड चालू हैं। गौरीबाजार में 33 भूखंड आवंटित हैं। पर सिर्फ आठ इकाइयां चालू हैं। रुद्रपुर में 36 भूखंड में चार आवंटित व शेष भूखंड को शहरी कांशीराम आवास के लिए आवंटित कर दिया गया है। पथरदेवा में 44 में दो इकाइयां चालू हैं। जबकि 42 प्लाॅट खाली पड़े हुए हैं।
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जबकि, दूसरी तरफ नजर डाली जाए तो उद्योग विभाग के पास पंद्रह उद्यमी ऐसे हैं, जो भूमि की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्लाॅट खाली न होने के कारण विभाग इनको भूमि उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इसको लेकर विभाग ने अब खाली प्लॉटों का नए सिरे से आवंटन करने की तैयारी कर ली है। ऐसे आवंटियों को अगले कुछ ही दिनों में नोटिस भी भेज दिया जाएगा। इनका आवंटन निरस्त करने बाद नए सिरे से प्लॉट देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


प्लॉट पर लोन लेने के बाद भी नहीं लगाया उद्योग
देवरिया। करीब 10 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने प्लाॅट लेने के बाद बैंक से उद्यम लगाने के लिए लोन भी ले लिया है। इसके कारण भूमि बैंक में बंधक हो गई। अब ये प्लाॅट विभाग के लिए चुनौती बन गए है क्योंकि कर्ज न जमा करने पर बैंक इन्हें नीलाम कर देगा। इस पर यूपीसीडा का अधिकार नहीं होगा। संवाद


बड़े उद्योग लगाने के लिए भूमि का अभाव

देवरिया। उद्योग विभाग के पास आए आवेदनों पर पर गौर किया जाए तो कई उद्योगपति बड़ी कंपनी स्थापित की तैयारी में है। पर उद्योग विभाग के पास भूमि न होने के कारण उनका प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पा रहा है। इसमें गुजरात के बड़े उद्योग पति ने करीब बीस बीघा और एक अन्य उद्यमी ने सात एकड़ भूमि की मांग की है। इसके अलावा पंद्रह अन्य उद्यमियों ने भी भूमि की मांग की है। संवाद



कोट
जनपद में नए औद्योगिक आस्थान की जरूरत है। भूमि बैंक न होने के वजह से उद्यमियों को नया उद्योग लगाने में दिक्कत आ रही है। जो प्लाॅट खाली पड़े हैं, उनका आवंटन नए उद्यमियों को किया जाना चाहिए।

- शंभू दयाल गुप्ता, अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल, सलेमपुर



कोट

उद्यमी जनपद में उद्योग लगाने के लिए आगे आ रहे हैं। पर पहले प्लाॅट तो आवंटित कर दिया है, लेकिन उस पर उद्याेग नहीं लगे हैं। इसके कारण विकास नहीं है। अगर उद्योग लग जाएं तो जिला चमक जाएगा।

- ग्रिजेश्वर मणि तिवारी, उद्यमी



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औद्योगिक आस्थान में जिन लोगों ने प्लाॅट लेकर छोड़ दिया है। उनकी सूची तैयार की जा रही है। अगले सप्ताह सभी प्लाॅटों के सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसकी सूचना शासन को भेजी जानी है। जिले में एक नया औद्योगिक क्षेत्र बनाया जाएगा। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
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- खुशबू सिंह, उपायुक्त उद्योग
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