साक्ष्यों के आधार पर लगाए गए आरोप सिद्ध न होने से दोष मुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। खाद्य अपमिश्रण के मामले में एसीजेएम प्रथम उमेश यादव की अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया है। न्यायाधीश ने आदेश में कहा है कि साक्ष्य के अभाव में आरोपी को बरी किया जा रहा है। दस्तावेजीय और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त पर लगाए गए आरोप साबित नहीं हो रहे हैं। साक्ष्य के अभाव में आरोपी छम्मन्न दास लखमानी को दोष मुक्त कर दिया। उल्लेखनीय है कि खाद्य निरीक्षक बाबूलाल ने 15 सितंबर 2009 को रोडवेज चौराहा स्थित छम्मन्न की जलपान की दुकान का निरीक्षण किया। निरीक्षक ने उनकी दुकान से नमकीन का नमूना भरा। जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। रिपोर्ट में मिलावट का स्पष्ट उल्लेख नहीं पाया गया। इस वजह से आरोपी को न्यायालय ने बरी कर दिया।