देवरिया। पुलिस लाइन में फालोअर कपूरचंद की बेटी रिया कन्नौजिया अब यूपी पुलिस के लिए खेलकर मेडल जीतेगी। पिछले आठ साल से रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम व साई के छात्रावास लखनऊ में रहकर ताइक्वांडो में जिले का नाम रोशन किया। उनके इसी प्रतिभा के कारण उनका चयन यूपी पुलिस में आरक्षी पद पर हुआ है। रिया अब प्रदेश की पुलिस टीम के लिए खेलेंगी। पिता ने बेटी के खेल में रूचि को देखते हुए आगे बढ़ने का हर मौका उपलब्ध कराया।
रिया के आरक्षी पद पर चयन होने के बाद बृहस्पतिवार को देवरिया ताइक्वांडो संघ की ओर से स्टेडियम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वह पिछले आठ वर्ष यहां के ताइक्वांडो शिविर की नियमित खिलाड़ी रही हैं। तीन अंतरराष्ट्रीय जिसमें थाईलैंड व दिल्ली में रजत, नेपाल में प्रतिभाग के साथ ही 15 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हुए पदक जीत जिले का मान सम्मान बढ़ा चुकी है। तीन साल वह लखनऊ स्थित साई के खेल छात्रावास की प्रशिक्षणार्थी भी रह चुकी हैं। अपनी इस प्रतिभा के बदौलत ही वह अब उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम में ताइक्वांडो खेल के खिलाड़ी के रूप में भर्ती हुई है। सम्मान समारोह में संघ के अध्यक्ष संजय कानोडिया, वरिष्ठ खिलाड़ी तथा गौरी बाजार नगर पंचायत अध्यक्ष प्रदीप मद्धेशिया ने उन्हें स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र और ट्रैक सूट देकर सम्मानित किया। इस दौरान अभिमन्यु सिंह रिंकू, आशीष अशोक कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, प्रियंका कुमारी सहित ताइक्वांडो के खिलाड़ी मौजूद रहे।
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बेटी ने परिवार का मान बढ़ाया
पिता कपूर चंद एवं गृहिणी मां विमला देवी ने बृहस्पतिवार को कहा कि तीन संतानों में रिया सबसे छोटी है। उसका खेल में रूचि था। उसे हर मौका परिवार ने दिया। खेल की बदौलत पुलिस विभाग में चयनित होकर उसने परिवार का मान ऊंचा किया है।
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खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है रिया
उनके प्रशिक्षक गिरीश सिंह ने बताया कि रिया कन्नौजिया ताइक्वांडो की अच्छी खिलाड़ी है। जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम की तरफ से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने खेल से बेहतर मुकाम हासिल करेगी। जिले के खिलाड़ियों के लिए यह गर्व की बात है।
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यूपी टीम खेल में बेहतर करें, इसके लिए करेंगे हरसंभव प्रयास
रिया कन्नौजिया ने कहा कि निरंतर अभ्यास और प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करके वह आज इस जगह पर पहुंची हैं। यूपी की पुलिस टीम आगे बेहतर प्रदर्शन करें, इसके लिए वह सबकुछ लगा देंगी। अच्छी बात यह है कि उन्हें सिविल में रहकर ड्यूटी नहीं करनी है। उन्हें यूपी टीम में रहकर पदक जीतने के लिए ही काम करना है।