देवरिया बस स्टेशन पर खड़ीं अनुबंधित बसें।
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देवरिया। 15 लाख रुपये प्रतिदिन की औसत आय, हर दिन 30 हजार से अधिक यात्रियों को सफर कराने वाला देवरिया डिपो यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है। बसों की खस्ताहाल हालत और बस के अंदर गंदगी यात्रियों के स्वास्थ्य और सेहत दोनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कब कौन सी बस बीच रास्ते में खड़ी हो जाए, इसकी गारंटी भी नहीं है। 20 जर्जर बसें अपनी मियाद पूरी करने के बाद भी सड़कों पर हिचकोले लेते चल रही हैं।
गोरखपुर क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण डिपो देवरिया में परिवहन निगम के 71 और 104 अनुबंधित बसों का संचालन किया जा रहा है। अनुबंधित बसों के सहारे ही यात्री गंतव्य स्थान तक पहुंच रहे है। निगम की बसों की बात करें, तो उनकी स्थिति ऐसी हो चुकी है कि कही भी धोखा दे सकती है। निगम की अधिकांश बसें पुरानी और जर्जर हो चुकी है। बावजूद इसके जिम्मेदार इन्हें लोकल रूट पर चलाकर यात्रियों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहे है।