सरयू खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर, ग्रामीणों में रिसाव का डर बढ़ा
भागलपुर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार शाम चार बजे तुर्तीपार ब्रिज गेज पर नदी खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर 64.59 मीटर पर पहुंच गई। नदी का पानी भागलपुर-मईल मार्ग के तटबंध तक पहुंच गया है। तटबंध पर तीन जगह रेनकट मिलने से आसपास के ग्रामीणों में रिसाव की आशंका बढ़ गई है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार मंगलवार सुबह से नदी के बढ़ने की रफ्तार कुछ कम हुई है। पहले दो दिनों से दो सेंटीमीटर से अधिक प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा जलस्तर अब करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है। हालांकि आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में और वृद्धि का अनुमान जताया है।
जलस्तर बढ़ने से बलिया, भागलपुर, देवसिया, छित्तूपुर, नरियांव, मईल, नरसिंहडांढ़ और तेलिया कला समेत तटवर्ती गांवों के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
एसडीएम बरहज प्रवीण कुमार ने बताया कि बाढ़ चौकियों और लेखपालों को क्षेत्र में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी के जलस्तर और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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देवरहा बाबा आश्रम की सड़क पर फिर चढ़ा पानी
सरयू का पानी दूसरी बार देवरहा बाबा आश्रम जाने वाली सड़क के ऊपर करीब एक फुट तक बहने लगा है। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हो रही है। आश्रम में मौजूद सैकड़ों गायों के लिए भी चारे का संकट खड़ा हो गया है।
आश्रम के महंत श्याम सुंदर दास महाराज ने बताया कि अब तक प्रशासन की ओर से चारे की व्यवस्था नहीं की गई है और न ही नाव या बोट उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने प्रशासन से आवागमन के लिए नाव तथा पशुओं के लिए चारे की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है।