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सड़कों पर उमड़ रहा सैलाब, पीने के पानी के पड़े लाले

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बरहज में बाढ़ के पानी से घिरा परसियां तिवारी गांव संवाद - फोटो : DEORIA
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सड़कों पर उमड़ रहा सैलाब, पीने के पानी के पड़े लाले
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1998 का टूटा रिकॉर्ड, पांच सेमी की दर्ज की गई बढ़त
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया है। चारों ओर बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। इस वर्ष नदी 1998 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए पांच सेमी ऊपर बहने लगी है। आलम यह है कि सड़कों पर बाढ़ का पानी उमड़ रहा है। नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार के अलावा बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को शुद्ध पानी पीने के लिए लाले पड़े हुए हैं। लोग नदी के पीछे हटने का इंतजार कर रहे हैं।
शनिवार की सुबह थाना घाट पर बने मीटर गेज पर नदी 1998 में आई बाढ़ के उच्चतम सीमा 68.62 को पार कर 68.67 मीटर पर बहने लगी है। फिलहाल, अधिकारियों के अनुसार पानी स्थिर होना बताया जा रहा है। इसको लेकर लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस की है। बाढ़ जैसी विभीषिका में उमड़ रहे सैलाब के आगे लोग बेबस दिखाई दे रहे हैं।
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सरयू नदी का पानी बेलडॉड, कटइलवा, राजपुर-नौकाटोला, परसियां तिवारी, बरहज मुक्तिधाम और मुक्तिपथ के अलावा परसियां-विशुनपुर देवार के 26 टोलों में जाने वाली सड़कों पर बह रहा है। इससे गांवों के लोगों की आवाजाही नाव आदि के जरिए हो रही है। शुद्ध पानी पीने के लिए तरस रहे लोग किसी तरह रुखा-सूखा खाकर बाढ़ का पानी हटने का इंतजार कर रहे हैं। दुकानों पर खाने-पीने के सामान के दाम आसमान छूने लगे हैं।
गर्भवती महिलाओं सहित वृद्ध और अन्य मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नदी के बहाव के कारण तहसील परिसर स्थित सीओ कार्यालय जलमग्न हो गया है। पानी लगने से परिसर के एक तरफ की चहारदीवारी गिर गई है। जबकि पैना, कोटवां, सतरांव क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी फैला हुआ है। घरों और सड़कों पर नदी के पहुंचने से हालात बदतर हो गए हैं। आई बाढ़ के कारण प्रभावित गांवों के लोगों का दिन तो कट जा रहे है। लेकिन रात काटनी मुश्किल हो गई है। लोगों को पानी के साथ-साथ विषैले जीव-जंतुओं का भय सता रहा है।
बरहज के रामजानकी मार्ग से जनपद-गैरजनपदों का संपर्क टूटा
बरहज। सरयू में उफान आने से नदी सड़कों के ऊपर से बहने लगी है। इसके कारण रामजानकी मार्ग से आवागमन बंद कर दिया गया है। रोक लगने से लार, बिहार, गोरखपुर, बनारस, आजमगढ़, मऊ, बलिया का संपर्क टूट गया है। इन जगहों पर जाने के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करना मजबूरी हो गई है।
अंधेरे में रात गुजार रहे लोग
बरहज। सरयू के बेकाबू होने से नगर-क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। जयनगर स्थित विद्युत निगम कार्यालय में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। निगम कार्यालय में पानी भरा होने के कारण देहात क्षेत्र और तेलियां कला सब स्टेशन की आपूर्ति बंद कर दी गई है। इससे दोनों फीडरों से जुड़े करीब 300 गांवों की आपूर्ति बाधित है। एसडीओ रोहित पांडेय ने बताया कि सब स्टेशन कार्यालयों में पानी भर जाने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई है। जलस्तर में बढ़त आने पर बरहज नगर की भी आपूर्ति ठप हो सकती है।
कोट-
1998 के उच्चतम सीमा को नदी पार कर गई है। लेकिन सुबह से पानी स्थिर है। तटबंध सुरक्षित हैं। महेन में सड़क के ऊपर से बह रही नदी की धारा रोकने के लिए कार्य जोरों से कराया जा रहा है।
-अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता
डीएम और एसपी ने बाढ़ पीड़ितों में वितरित की राहत सामग्री
बरहज। शनिवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और एसपी संकल्प शर्मा ने बरहज में बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री वितरित की। जबकि सांसद कमलेश पासवान और क्षेत्रीय विधायक दीपक मिश्र ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों का हाल जाना।
बरहज पहुंचे डीएम ने अधिकारियों के साथ कटइलवा में 40 पैकेट राहत सामग्री वितरित कराते हुए हालात पर नजर बनाए रखने की बात कहा। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए। वहीं, तहसीलदार अश्वनी कुमार के नेतृत्व में परसियां-विशुनपुर देवार में 100, भदिला प्रथम में दो दिनों में 370 पैकेट राहत सामग्री वितरित की गई।
जबकि रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से मंडल कोऑर्डिनेटर अजय प्रताप सिंह और विवेक सिंह, सपा नेता मुरली मनोहर जायसवाल, समाजसेवी श्रीप्रकाश पाल, विजय रावत आदि ने सहयोगियों के साथ पीड़ितों में राहत सामग्री वितरित की।
वहीं, सांसद और विधायक से बाढ़ पीड़ितों ने अपने भोजन के साथ पशुओं के निवाले मुहैया कराने की गुहार लगाई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के साथ बरहज, बकुची, मईल, नरसिंहडांड़, तेलिया कला, अड़िला आदि गांवों का दौरा किया। मौके पर नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष जयशंकर मिश्र, अंगद तिवारी, अभयानंद तिवारी, रामजोखन निषाद, अमरेंद्र गुप्त, काशीपति शुक्ल, सुनील पासवान, रामजी सिंह, अनुपम मिश्र, अनुज चौधरी आदि मौजूद रहे। संवाद
राहत सामग्री के लिए बाढ़ पीड़ितों ने दिया धरना
मईल। स्थानीय चौराहे पर शनिवार की शाम बाढ़ पीड़ित राहत सामग्री को लेकर धरने पर बैठ गए। जहां सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जिम्मेदारों को खरी-खोटी सुनाई। धरने पर बैठे पीड़ितों का कहना था कि बाढ़ के कारण तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। रात अंधेरे में काटनी पड़ रही है। संजय यादव और राकेश चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीण करीब एक घंटे तक धरने पर जमे रहे। अधिकारियों के संज्ञान नहीं लेने पर सभी ने स्वत: धरना समाप्त कर दिया। मौके पर उदयवीर यादव, हरिवल्लभ शुक्ल, हृदयनारायण, मुन्ना, वीरेंद्र कुशवाहा, मनोज शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
एमएलसी ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा
पिड़रा पुल के एप्रोच की होगी पिचिंग : डॉ. धर्मेंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
एकौना। पिड़रा पुल के एप्रोच और सड़क की कटान से आवागमन बाधित होने पर शनिवार को एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कटानस्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को कटान स्थलों पर तेजी से कार्य करने के लिए कहा।
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उन्होंने कहा कि पुल के दोनों तरफ के एप्रोच का बोल्डर पिचिंग करने के लिए मुख्यमंत्री से स्वीकृति लेकर कार्य कराया जाएगा। गोर्रा और राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन से बंधे और जनमानस की सुरक्षा के लिए चौकन्ना रहने को कहा गया है। कहा कि क्षेत्र में यदि बंधा कटा, तो जिम्मेदार कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे। निरीक्षण के दौरान छोटे सिंह, छट्ठेलाल निम, विनोद गुप्ता, रणविजय शाही, माया शंकर शुक्ला, जितेंद्र चंद सिंह, अनिल सिंह, राजकुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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