निरीक्षण में गैरहाजिर मिलने पर डीएम ने डॉक्टर सहित छह कर्मचारियों का वेतन रोका
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब, अनुपस्थित दो कर्मचारियों के एक दिन का वेतन काटने के निर्देश
25 की जगह मिले तीन बेड
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल चटनी गढ़ही का मंगलवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने औचक निरीक्षण किया। इसमें खामियां उजागर हुईं। 25 बेड के अस्पताल में तीन बेड मिला। वहीं तीन माह से मरीज के भर्ती न होने और दो कर्मचारियों के गैरहाजिर मिलने पर नाराजगी जताई। डीएम ने प्रभारी एमओआईसी व डॉक्टर समेत छह कर्मियों के मई माह के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। साथ ही क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने कहा कि आयुष लोक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण इकाई है। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं है।
जिलाधिकारी दोपहर बाद राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल चटनी गढ़ही पहुंचे। प्रभारी एमओआईसी ने बताया कि यह अस्पताल 25 बेड का है, लेकिन तीन ही बेड मिले, जो कि जर्जर अवस्था में थे। तीन माह से किसी भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया। डीएम ने पंचकर्म के विषय में पूछा। बताया गया कि लंबे समय से यहां पंचकर्म नहीं हो रहा है। जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। इसके बाद डीएम ने उपस्थिति पंजिका को देखा, तो स्टाफ नर्स सुनीता वर्मा एवं भृत्य रीता देवी बिना किसी पूर्व सूचना के गैरहाजिर थीं। डीएम ने दोनों के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। उन्होंने उपस्थिति पंजिका का समय-समय पर पर्यवेक्षण न करने पर प्रभारी एमओआईसी को फटकार लगाई। डीएम ने औषधि काउंटर पर मरीजों को दी जाने वाली दवाओं के बारे में जानकारी मांगी, जिसे उपलब्ध नहीं कराया जा सका। उन्होंने ओपीडी रजिस्टर का भी अवलोकन किया, जिसमें कई खामियां मिलीं। डीएम ने दवाओं के स्टॉक रजिस्टर को भी देखा। अस्पताल में चारों तरफ गंदगी थी। इस दौरान क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. दिनेश चौरसिया, प्रभारी एमओआईसी डॉ. आकांक्षा गुप्ता, मेडिकल ऑफिसर डॉ. ज्ञान चंद्र मौर्य आदि मौजूद रहे।
तीन दिन में करें सुधार
जिलाधिकारी ने कमियों के लिए उत्तरदायित्व तय करते हुए प्रभारी एमओआईसी, मेडिकल ऑफिसर सहित छह कर्मचारियों के मई माह के वेतन पर रोक लगा दियाहै। वहीं क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही तीन दिन के अंदर सुधार करने के लिए समय दिया। उन्होंने अस्पताल को निर्धारित मानक के अनुसार संचालित करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि तीन दिन के बाद पुन: अस्पताल का निरीक्षण कर सुविधाओं का निरीक्षण किया जाएगा।
आयुष सुविधाओं का उपयोग करें लोग
जनपद में 42 आयुर्वेदिक अस्पताल संचालित हैं, जहां आयुर्वेदिक पद्धति से रोगियों का इलाज होता है। इस समय मौसम में बदलाव के चलते सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जनपद के लोग आयुष सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। एक रुपये की पर्ची कटाकर आयुष डॉक्टर से चिकित्सकीय परामर्श एवं नि:शुल्क दवाएं ली जा सकती हैं।
जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम