महुआडीह के धरमपुर गांव में कैलाश, नीतू, रानी और गुड्डी का शव आजमगढ़ में पोस्टमार्टम के बाद रात 11:40 बजे दो एंबुलेंस से गांव पहुंचा। शवों के नीचे उतारते ही अचानक दिल को दहला देने वाली करुण क्रंदन मानो क्षेत्र के कई गावों तक रात के सन्नाटे को चीरते हुए पहुंच गई। मौके पर कई गांव के लोगों की पहले से ही भीड़ लगी थी।
परिजनों ने उठाई आर्थिक मदद की मांग
कैलाश और गुड्डी का परिवार कमाता खाता परिवार है। कैलाश मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों व परिवार को बहुत मुश्किल से दो वक्त की रोटी उपलब्ध करा पा रहा था। उसकी मौत के बाद अब जीविका की समस्या उत्पन्न हो गई है। अपनी बेटी रानी को खो चुके बड़े भाई विनोद ने भाई सहित गुड्डी के परिवार को भी प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
बेटा, बहू और नतिनी के शव को देखकर दादी की हालत बिगड़ी
कैलाश की मां तारा देवी की तबीयत देर रात बिगड़ गई। परिजन महुआडीह चौराहा पर ले जाकर उनका इलाज कराए। वह बेटा, बहू, नतिनी की मौत से गहरे सदमें में हैं।