देवरिया। शहर में पीने के पानी की व्यवस्था के लिए बार-बार सड़कों को खोदने और तोड़ने की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। अब शहर में पहले पेयजल की पाइप लाइन बिछाई जाएगी और उसके बाद ही सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इसको लेकर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष ने जल निगम को पत्र भेजकर समन्वय के साथ कार्य कराने का आग्रह किया है।
अमृत भारत योजना के तहत शहर के सभी पुराने 25 वार्डों में पाइप लाइन बिछाने का निर्णय लिया गया है, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 13 पुराने वार्डों में काम चल रहा है, जो फरवरी में पूरा होना है। बीते कुछ वर्षों में शहर की कई प्रमुख सड़कों का निर्माण कराया गया, लेकिन जल निगम की ओर से पाइप लाइन डालने के लिए इन्हें दोबारा खोद दिया गया है। भुजौली कॉलोनी समेत कई मोहल्लों में सड़कें टूट गई हैं, इससे लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। नई बनी सड़कें गड्ढों में तब्दील होने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अब इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पहले आधारभूत सुविधा यानी जलापूर्ति के कार्य को पूरा कराने की रणनीति बनाई गई है।
नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष अलका सिंह ने जल निगम को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि जिन वार्डों में अमृत योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई जानी है, वहां सड़क निर्माण का कार्य पाइप लाइन डालने के बाद ही कराया जाए। इससे सरकारी धन की बचत होगी और जनता को बार-बार होने वाली असुविधा से भी राहत मिलेगी। नगर क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने का कार्य अमृत भारत योजना के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है।
योजना के तहत पहले चरण में नगर पालिका के पुराने 25 वार्डों में से 13 वार्डों में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है। इन वार्डों में देवरिया खास पूर्वी, मुंशी गोरखनाथ टोला, राघवनगर पूर्वी, अबूबकर नगर उत्तरी, आचार्य रामचंद्र शुक्ल नगर, सिंधी मिल कॉलोनी, सोमनाथ नगर, रामगुलाम टोला पूर्वी व पश्चिमी, रामनाथ देवरिया उत्तरी व दक्षिणी और उमानगर वार्ड शामिल हैं। इन इलाकों में फिलहाल सड़कों की मरम्मत का काम कुछ दिन रोका जाएगा, जिससे कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान दोबारा तोड़फोड़ न करनी पड़े।
पहले चरण का काम पूरा होने के बाद शेष 12 वार्डों में दूसरे चरण के तहत पाइप लाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन सभी वार्डों में पाइप लाइन का काम समाप्त होने के बाद ही सड़क निर्माण कराया जाएगा। नगर पालिका का मानना है कि इस क्रम से कार्य होने पर शहर की सड़कों की गुणवत्ता बेहतर रहेगी और लंबे समय तक मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी।