कुरानख्वानी और नफिल नमाज से कर रहे अल्लाह की इबादत
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सोमवार को चांद दिखने के साथ ही इबादत के माह रमजान की शुरुआत हो गई। मंगलवार से रमजान का पहला रोजा रोजेदारों ने अकीदत के साथ रखा। इसे लेकर मुस्लिम मोहल्लों में रौनक और चहल-पहल रही। रेलवे स्टेशन रोड से लेकर तहसील चौक तक विभिन्न प्रकार की सेवइयां, खजूर, रूहआफजा, कुर्ता-पजामा, टोपी, दीनी किताबें, फल आदि की दुकानों पर शाम को रोजेदारों ने जमकर खरीदारी की।
रेलवे स्टेशन रोड स्थित जामा मस्जिद के इमाम अशफाक अहमद काशमी ने बताया कि पाक महीने रमजान में इस्लाम मजहब को मानने वाले लोग पूरे एक माह रोजा रखते हैं। रमजान महीने में मुसलमानों को रोजा रखना अनिवार्य होता है। इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पाक माना जाता है। इस पूरे महीने मुस्लिम लोग रोजा यानी उपवास रखते हैं। अपना ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं। मुसलमान अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हुए इस महीने के आखिर में ईद-उल-फितर मनाते हैं। इस महीने में पैगंबर मोहम्मद साहब को इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरानशरीफ मिली थी। इसलिए लोग अपनी इच्छाओं को मारकर पूरा महीना रोजा रखते हैं। मस्जिदों और घरों में पूरे महीने तरावीह की नमाज पढ़कर अल्लाह की इबादत में गुजारते हैं। उन्होंने बताया कि इस महीने में अल्लाह की इबादत करने से वह प्रसन्न होते हैं।
तहसील चौक से रेलवे स्टेशन रोड का बाजार दिखा गुलजार
शहर में रेलवे स्टेशन रोड से लेकर तहसील चौक तक रमजान से जुड़े सामान की बिक्री के लिए दुकानें सज गई हैं। दुकानदारों का कहना है कि सेवईं पुराने मूल्य पर ही बिक रही है। सूखे मेवा के दाम में जरूर इजाफा हुआ है। सेवईं के थोक दुकानदार राजू खान ने बताया कि लोकल सेवईं 70 से 80 रुपये किलो है। वहीं, वाराणसी से आने वाली स्पेशल सेवईं 120 से 160 रुपये किलो बिक रही है। इसमें लच्छा के अलावा सामान्य सेवईं भी है। सूखे मेवे में खजूर अलग-अलग प्रकार का है, जो 200 से लेकर एक हजार रुपये किलो तक में उपलब्ध है। मखाना 1200 से लेकर 1400 रुपये किलो, चिरौंजी 2100 से 2200 रुपये किलो, बादाम 900 रुपये किलो तक है।