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- कुरमौटा ठाकुर गांव का मामला, ग्रामीणों के सहयोग से फायरब्रिगेड ने आग पर काबू पाया
- सहमें लोगों ने घरों से गैस सिलिंडर निकाल बाहर खेतों में फेंका
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। थाना क्षेत्र के कुरमौटा ठाकुर गांव में रविवार को गैस सिलिंडर फटने से चार घरों में आग लग गई। आग लगने की घटना में चार घरों की दो बाइकें, दो साइकिलें समेत पांच लाख का समान जल गया। ग्रामीणों व फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। वहीं, गैस सिलिंडर में विस्फोट की तेज आवाज से ग्रामीण डर गए। सहमे लोगों ने घरों से गैस सिलिंडर निकाल बाहर खेतों में फेंक दिया।
भटनी थाना क्षेत्र के कुरमौटा ठाकुर गांव निवासी हरेराम के घर कूड़े की चिंगारी से आग लग गई। आग रंगलाल के घर से होकर हरिनारायण साहनी के घर पहुंच गई। जहां गैस सिलिंडर फटने से आग बेकाबू होकर अन्य घरों में बढ़ गई। सिलिंडर फटने से गांव में चीख-पुकार मच गई। लोग आग बुझाने के अलावा अपने घरों से गैस सिलिंडर व अन्य जरूरी सामान बाहर खेतों में फेंकने लगे।
अग लगने से हरेराम, रंगलाल, हरिनारायण साहनी, सुभाष गृहस्थी का पूरा सामान जल कर नष्ट हो गया। सबसे अधिक नुकसान हरिनारायण के घर हुआ। यहां आग से दो बाइकें, दो साइकिलें और नकदी, आभूषण, गेहूं, चावल व दो लाख का समान जल गया। सूचना पर भाटपाररानी से पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से आग से काबू पाया।
जानकारी पर सलेमपुर तहसील से पहुंचे राजस्व कर्मियों ने पीड़ितों से पूछताछ कर आग लगने की घटना में हुए नुकसान का जायजा लिया। सीओ भाटपाररानी शिव प्रताप सिंह ने बताया कि कुरमौटा ठाकुर गांव में आग लगने की जानकारी मिली है। स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाने के लिए पहुंच गई है।
छोटी गंडक नदी के चलते बच गए दो गांव
भटनी। कुरमौटा ठाकुर गांव में गैस सिलिंडर फटने से लगी आग में तेज पछुआ हवा ने घी का काम किया। इससे गांव में दहशत का माहौल हो गया। चीखते-चिल्लाते लोग जरूरी सामान लेकर बच्चों के साथ घरों से बाहर भागने लगे। आग से बड़े पैमाने पर क्षति होती, लेकिन गांव स्थित छोटी गंडक नदी ने आग को बढ़ने से रोक दिया। इससे मोतीपुर और खैराट गांव आग से बच गए।
महिलाओं व बच्चों के चेहरे पर दिखा डर
कुरमौटा ठाकुर गांव में आग लगने के बाद महिलाओं व बच्चों के चेहरे पर डर का माहौल दिखा। डरे-सहमे बच्चे अपने परिजनों से लिपटकर रोते हुए दिखाई दिए। वहीं, गैस सिलिंडर को लेकर एक अनजाना सा भय व्याप्त हो गया है। वहीं, चार घर जलने के बाद पीड़ितों के सिर से छत भी छिन गई। लोग खुले में रात गुजारने के लिए मजबूर हो गए हैं।
काश! कूड़े को बुझा दिया होता, तो नहीं लगती आग
कुरमौटा ठाकुर गांव में आग लगने की घटना कूड़े की चिंगारी से हुई। घटना के बाद लोग आपस में बातें करते नजर आए कि काश कूड़े को बुझा दिया गया होता तो इतनी बड़ी क्षति नहीं हुई होती। ग्रामीण इस लापरवाही पर जहां एक परिवार को कोस रहे हैं वहीं, पीड़ित चार घरों के लोगों को मदद दिलाने में जुटे हैं।
आग लगने से जल गए सैकड़ो पेड़
आग लगने की घटना से गांव और छोटी गंडक के किनारे लगे सैकड़ों पेड़ जल गए। वहीं, पशुओं का आहार हरा चारा, भूसा आदि जलकर राख हो गए। ऐसे में पशुपालक के सामने उनको खिलाने का संकट पैदा हो गया है।