भटनी (देवरिया)। विजयदशमी की रात संदिग्ध हालात में झोपड़ी में लगी आग की चपेट में आने से विवाहिता, उसके पति, पिता और एक साल के बेटे की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, भाटपार रानी इलाके के फुलवरिया गांव निवासी बालकृष्ण बांसफोर (65) भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में करीब 10 वर्षों से रेलवे की जमीन पर झोपड़ी डालकर परिवार के साथ रहते थे। विजयदशमी का मेला घूमने के लिए मंगलवार को उनके दामाद खुखुंदू थाना क्षेत्र के नूनखार गांव निवासी जितेंद्र बांसफोर (27) पत्नी लीला (25) और एक साल के बेटे शनि के साथ नोनापार गांव पहुंचे थे। रात में भोजन करने के बाद चारों एक ही झोपड़ी में सो गए। रात करीब दो बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। उसकी चपेट में आने से बालकृष्ण, जितेंद्र और शनि की मौके पर ही मौत हो गई जबकि लीला गंभीर रूप से झुलस गई। आग लगने की जानकारी होने पर पास ही दूसरी झोपड़ी में सो रहीं बालकृष्ण की पत्नी राबड़ी देवी, बेटा रतन और परिवार के अन्य सदस्यों ने शोर मचाया। मौके पर ग्रामीण गुट गए और अग्निशमन विभाग को जानकारी दी गई। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद गंभीर हालत में लीला को मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
आग की सूचना पर एसपी अभिजीत आर. शंकर भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मौके का निरीक्षण कर घटना की जानकारी ली। फोरेसिंक टीम ने भी मौके पर पहुंच कर जांच की। इसके अलावा क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र चौरसिया भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के साथ ही आर्थिक मदद दी। इसके अलावा पट्टे की जमीन और सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
नोनापार गांव में झोपड़ी में आग लगने से मासूम समेत चार की मौत हुई है। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी से आग लगने की आशंका है। मामले की जांच की जा रही है।
-मनोज कुमार, क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी