- डॉक्टरों और कर्मियों को आग बुझाने के लिए किया गया प्रशिक्षित
- ऑडिट में मिली कमियों से कराया अवगत, दूर करने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज के आवासीय भवनों और हाॅस्टलों का फायर ऑडिट शनिवार को किया गया। वहां मौजूद फॉयर उपकरणों की जांच की गई। इसमें कुछ कमियां पर मिलीं, जिससे अवगत कराया गया। साथ ही उसे शीघ्र दूर करने की बात कही गई, जबकि अन्य उपकरण ठीक मिले। डॉक्टरों, कर्मियों आदि को आग से बचाव व उपकरण के प्रयोग करने का प्रशिक्षण दिया गया।
मुख्य फायर अरुण कुमार के निर्देश पर महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में अग्निशमन अधिकारी द्वितीय राजमंगल सिंह के नेतृत्व में अग्निशमन कर्मी पहुंचे। उन्होंने अग्निशमन के मानक को देखा। उन्होंने आवासीय भवन टाइप 3, 4, 5 तथा ब्वायज व गर्ल्स हास्टल के अलावा सीनियर व जूनियर रेजिडेंट हास्टल में लगे अग्निशमन उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही उन्हें चालू कर परखा तथा कर्मचारियों को उपकरणों के प्रयोग करने के तरीके बताए। इसमें टाइप 3 व 4 चार में मोटर का बिजली से कनेक्शन नहीं था, जिसे ठीक कराने को कहा गया। जबकि अन्य नोजल, पाइप व अन्य उपकरण ठीक मिले।
अग्निशमन अधिकारी ने डॉक्टरों, एसआर, जेआर, एमबीबीएस के छात्रों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों को आपातकालीन स्थिति में फायर उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण दिया। साथ ही आग से बचाव की जानकारी दी गई। इस दौरान डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, डॉ. पुरुषोत्तम के अलावा फायरमैन संदीप कुमार वर्मा और वाहन चालक अमरेंद्र पांडेय, छात्र, सुरक्षा कर्मी व बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
मुख्य फायर आफिसर अरुण कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में अग्निशमन उपकरणों की जांच की गई। साथ ही उपकरणों को चलाने के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। कुछ कमियां मिलीं, जिससे अवगत कराया गया और उसे दूर करने को कहा गया। प्राचार्य को भी पत्र के माध्यम से ऑडिट में मिली कमियों से अवगत कराया जाएगा।